सचिन पायलट ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बयानों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि गहलोत का उनके प्रति वैसा ही स्नेह है जैसा उनके बेटे वैभव गहलोत के लिए है.
VISHNU AGARWAL EDITOR DAILY INDIATIMES

कांग्रेस के दिग्गज नेता राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर उनके पुत्र और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए सचिन पायलट ने राजस्थान की राजनीति, राज्यसभा चुनाव और अशोक गहलोत के साथ अपने रिश्तों को लेकर खुलकर बात की.

अशोक गहलोत के साथ रिश्तों पर क्या बोले पायलट?
जब मीडिया ने सचिन पायलट से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा अतीत में दिए गए बयानों और दोनों के बीच की कथित खींचतान पर सवाल पूछा, तो पायलट ने बेहद परिपक्व और सकारात्मक जवाब दिया. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “अशोक गहलोत जी ने बड़े प्रेम से कहा था कि जैसे उनका स्नेह और लगाव उनके पुत्र वैभव गहलोत के साथ है, वैसा ही स्नेह और लगाव मेरे साथ भी है. हम सब कांग्रेस के सिपाही हैं.” पायलट ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने पूरे देश में ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलने का जो संदेश दिया है, हम सभी नेता और कार्यकर्ता मिलकर उसी मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं और भाजपा के दमनकारी शासन का मुकाबला कर रहे हैं.
मध्य प्रदेश में राज्यसभा प्रत्याशी का नामांकन रद्द होने पर उठाए सवाल
सचिन पायलट ने राज्यसभा चुनाव के दौरान मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी जी का नामांकन रद्द किए जाने पर गहरा आक्रोश जताया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पार्टी के प्रत्याशी का नामांकन अवैध रूप से खारिज करना अप्रत्याशित और एक बड़ी साजिश है. पायलट ने स्पष्ट किया कि उन पर कोई एफआईआर, चार्जशीट या मुकदमा नहीं है, फिर भी छोटे-मोटे तकनीकी बहानों से नामांकन रद्द किया गया. कांग्रेस इस मामले को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी.
राजस्थान सरकार पर साधा निशाना
राजस्थान की कानून-व्यवस्था और मौजूदा सरकार पर हमला बोलते हुए पायलट ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के लगातार खुलासे हो रहे हैं, लेकिन सरकार आंखें मूंदकर बैठी है. सरकार के भीतर आपसी द्वंद और खींचतान इतनी ज्यादा है कि सत्ता का केंद्र कौन बने, इसी बात का असमंजस है. इसके अलावा उन्होंने छात्र संघ और पंचायत चुनाव टालने को लेकर भी राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया.