Thursday, February 19
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एनआरआर पॉलिसी से प्रवासी राजस्थानियों से सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते होंगे प्रगाढ़, राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी से छोटे व्यापारियों को भी मिलेंगे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे अवसर, पर्यटन, कला एवं संस्कृति का ग्लोबल सेंटर बनेगा राजस्थान।

Rajasthan Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश- 2025 लाने, प्रवासी राजस्थानियों के योगदान और जुड़ाव को बढ़ाने के लिए प्रवासी राजस्थानी नीति-2025, छोटे व्यापारियों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी और पर्यटन में निवेश को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान पर्यटन नीति के अनुमोदन सहित कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए।संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कैबिनेट में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए पत्रकार वार्ता में बताया कि विभिन्न अधिनियमों में मामूली उल्लंघन या तकनीकी गलती के लिए कारावास जैसे आपराधिक दण्ड हटा कर उनके स्थान पर पेनल्टी के प्रावधान करने का निर्णय किया है।

नए प्रारूप को मंजूरी

इससे ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलने के साथ ही वादकरण में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए भारत सरकार के जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम-2023 की तर्ज पर राज्य में भी राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश- 2025 के प्रारूप को मंत्रिमंडल की ओर से मंजूरी प्रदान की गई।संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि इस अध्यादेश के द्वारा 11 अधिनियमों में से आपराधिक प्रावधान हटाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान वन अधिनियम-1953 में धारा 26 (1) (ए) में वन भूमि में मवेशी चराने पर कारावास का प्रावधान था। अब तक इस पर 6 माह तक कारावास या 500 रुपए तक जुर्माने अथवा दोनों दण्ड का प्रावधान था। संशोधन के बाद अब इस उल्लंघन पर जुर्माना ही लगाया जाएगा।पटेल ने बताया कि राजस्थान राज्य सहायता (उद्योग) अधिनियम-1961 में सहायता प्राप्त करने वाले उद्योग के प्रभारी पर मामूली प्रक्रियात्मक अपराधों, जैसे कि बहीखाते, खाते या अन्य दस्तावेज निरीक्षण के लिए प्रस्तुत न करने पर कारावास का प्रावधान था। इन आपराधिक प्रावधानों को अब अधिनियम से हटा कर अर्थदण्ड तक सीमित किया जा रहा है।

प्रवासी राजस्थानियों को मिलेगा निवेश का बेहतरीन इकोसिस्टम

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि बदलते समय के अनुरूप प्रवासी राजस्थानियों के राज्य के साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से अनुमोदित नॉन-रेजिडेंट राजस्थानी पॉलिसी ऑफ राजस्थान-2025 निवेश, व्यापार, ज्ञान के आदान-प्रदान, शोध और सामाजिक सरोकारों में एनआरआर के योगदान को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करेगी।एनआरआर नीति प्रवासी राजस्थानियों के निवेश को गति देने के लिए राज्य में एक बेहतर इकोसिस्टम का निर्माण करेगी। निवेश से संबंधित सभी प्रक्रियाओं के समन्वय के लिए एनआरआर इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन सेल स्थापित की जाएगी, जिसमें इन्वेस्टमेंट लायजन ऑफिसर्स निवेश प्रस्तावों की निगरानी, प्रवासी मिलन कार्यक्रमों का आयोजन और विभागीय समन्वय सुनिश्चित करेंगे।उन्होंने बताया कि राजस्थान फाउंडेशन चैप्टर्स में इन्वेस्टमेंट कॉर्डिनेटर्स नियुक्त किए जाएंगे, जो निवेश लीड्स की पहचान और राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे। प्रवासी विशेषज्ञों और व्यवसायिक नेताओं के सहयोग से एनआरआर इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी काउंसिल्स गठित होंगी, जो नीतिगत सुझाव और सेक्टरवार निवेश रोडमैप तैयार करेंगी।

खुदरा व्यापारियों को मिलेगा व्यापार बढ़ाने का अवसर

गोदारा ने बताया कि बड़े ट्रेड, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म व लॉजिस्टिक नेटवर्क जैसे समान अवसर छोटे व्यापारियों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी-2025 को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इससे राज्य का खुदरा और थोक व्यापार सशक्त होगा। यह नीति राज्य में 10.5 लाख से अधिक रिटेल स्टोर्स और तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजार को ध्यान में रखते हुए व्यापार क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन करने, छोटे ट्रेडर्स को बाजार एवं ऋण तक आसान पहुंच उपलब्ध करवाने तथा खुदरा व थोक व्यापार में एमएसएमई उद्यमों के विकास के लिए कार्य करेगी।

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