Sunday, April 5
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प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया संकट से पैदा हो रही स्थिति के मद्देनजर तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। PM ने भरोसा जताया कि टीम इंडिया के तौर पर मिलकर काम करते हुए, देश इस स्थिति से सफलतापूर्वक निपट लेगा।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार शाम मुख्य सचिवों और मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करीब दो घंटे तक बैठक की। बैठक का मुख्य मुद्दा मध्य पूर्व (वेस्ट एशिया) में चल रहे संघर्ष और उसके भारत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की तैयारियों की समीक्षा था। प्रधानमंत्री ने जोर दिया है कि सरकार की प्राथमिकताएं आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और उद्योग तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं को मज़बूत करना हैं। PM ने राज्यों से आग्रह किया कि वे आपूर्ति श्रृंखलाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करें और जमाखोरी तथा मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाएं।

देश में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा

बैठक में पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि देश में किसी भी प्रकार का लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। अफवाहों पर लगाम लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ‘टीम इंडिया’ के स्पिरिट में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बनाकर चुनौतियों का सामना करेगी। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी लॉकडाउन की अफवाहों को जिम्मेदारहीन और हानिकारक बताते हुए खारिज कर दिया।

उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष ध्यान देने का आह्वान

पीएम मोदी ने कृषि क्षेत्र में विशेष रूप से उर्वरक के भंडारण और वितरण की निगरानी में, पहले से योजना बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बदलती स्थितियों पर त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय तंत्र की आवश्यकता पर बल दिया। पीएम मोदी ने सीमावर्ती और तटीय राज्यों में शिपिंग, आवश्यक आपूर्ति और समुद्री संचालन से संबंधित उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।

गलत सूचना और अफवाहों से बचे

पीएम मोदी ने गलत सूचना और अफवाहों के प्रसार के प्रति आगाह किया और सटीक तथा विश्वसनीय जानकारी के प्रसार पर ज़ोर दिया। मुख्यमंत्रियों ने इस स्थिति से निपटने के लिए PM के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की।मुख्यमंत्रियों ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ईंधन पर उत्पाद शुल्क कम करने और राज्यों को वाणिज्यिक LPG के आवंटन में वृद्धि करने के निर्णयों का स्वागत किया। मुख्यमंत्रियों ने भरोसा जताया कि स्थिति स्थिर बनी हुई है, और उनके राज्यों में पेट्रोल, डीज़ल तथा LPG की पर्याप्त उपलब्धता है। मुख्यमंत्रियों ने इस स्थिति को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए केंद्र के साथ निकट समन्वय में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

सप्लाई चेन और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की तैयारियों पर चर्चा

मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच फरवरी के अंत से जारी युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है। बैठक में ईंधन, एलपीजी, खाद्य सुरक्षा, सप्लाई चेन और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। केंद्र सरकार ने राज्यों को कमर्शियल एलपीजी आवंटन 20 प्रतिशत बढ़ाकर पूर्व-संक्रमण मांग का 70 प्रतिशत कर दिया है

क्रूड ऑयल की सप्लाई में कोई कमी नहीं

पीएम मोदी ने राज्यों से कहा कि वे स्थानीय स्तर पर स्थिति की निगरानी करें और केंद्र के साथ मिलकर काम करें। चुनाव वाले कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के कारण बैठक में शामिल नहीं हुए। सरकार का जोर है कि क्रूड ऑयल की सप्लाई में कोई कमी नहीं है और जनता को घबराने की जरूरत नहीं। यह बैठक कोविड-19 के समय जैसी ‘टीम इंडिया’ की भावना को दोहराती है।

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