Jaipur JDA Elevated Road: सांगानेर में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का काम शनिवार से शुरू हो रहा है। रीको पुलिया के उतरने के साथ ही जेडीए मिट्टी का परीक्षण करना शुरू करेगा।

VISHNU AGARWAL EDITOR DAILY INDIATIMES/DAILY JAIPUR TIMES NEWS NETWORK
जयपुर। सांगानेर में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का काम शनिवार से शुरू हो रहा है। रीको पुलिया के उतरने के साथ ही जेडीए मिट्टी का परीक्षण करना शुरू करेगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी। ऐसे में आवाजाही में आपको कोई दिक्कत न हो, इसके लिए वैकल्पिक रास्ते तलाश लें, क्योंकि यातायात पुलिस और जेडीए सोमवार से नया प्लान लागू करने पर विचार कर रहे हैं।
शुक्रवार को जेडीए और यातायात पुलिस के अधिकारियों ने दो घंटे तक वैकल्पिक रास्ते पर विचार किया है। हालांकि, अब तक किसी पर मुहर नहीं लगी है
ट्रैफिक लोड के हिसाब से तैयार कर रहे हैं प्लान
डीसीपी ट्रैफिक योगेश गोयल का कहना है कि ट्रैफिक लोड के हिसाब से प्लान तैयार कर रहे हैं। मौका निरीक्षण किया है। जेडीए और काम करने वाली कम्पनी के प्रतिनिधियों से बातचीत कर जो बेहतर विकल्प होंगे, उनको लागू करेंगे। हमारी कोशिश रहेगी कि वाहन चालकों को काम के दौरान कोई परेशानी न हो।
चार लेन और दो लेन एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव
जानकारी के अनुसार बजट वर्ष 2024-25 की घोषणा के तहत सांगानेर क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए विस्तृत सर्वे कराया गया था। सर्वे में मार्गों पर लगातार जाम की स्थिति सामने आने के बाद कंसल्टेंट की अनुशंसा पर परियोजना तैयार की गई। इसके तहत सांगानेर फ्लाईओवर से कल्याणपुरा आरओबी के निकट तक चार लेन एलिवेटेड रोड तथा चोरड़िया पेट्रोल पंप से डिग्गी मालपुरा गेट तक दो लेन एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जाएगा।
खास-खास
4500 मीटर लम्बाई है एलिवेटेड रोड की-दो से चार लेन की होगी एलिवेटेड रोड-30 माह में काम पूरा होने का है अनुमान-286 करोड़ की है यह परियोजना
30 माह लगेंगे काम पूरा होने में
प्राधिकरण ने परियोजना को 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से होगा ताकि यातायात पूरी तरह बाधित न हो। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने पर समय और ईंधन दोनों की बचत होगी, साथ ही प्रदूषण में भी कमी आएगी।स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि काम तय समय सीमा में पूरा होता है तो सांगानेर क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। लंबे समय से इस मांग के साकार होने से दक्षिणी जयपुर के ट्रैफिक प्रबंधन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।