Tuesday, February 24
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दिल्ली की गलियों में एक छोटा सा ब्यूटी पार्लर, जहां चेहरों को सजाने के बहाने लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग का खूनी साम्राज्य चलाया जा रहा था. दिल्ली पुलिस ने ‘मैडम जहर’ उर्फ खुशनुमा अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है, जो पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई तक मैनेज करती थी.

RITU SHARMA /DELHI NEWS/DAILY INDIATIMES DIGITAL JOURNALISM

Madam Zeher alias Khushnuma Ansari: अपराध की दुनिया में जब लेडी डॉन अनुराधा चौधरी उर्फ मैडम मिंज का नाम सामने आया था, तो लगा था कि वह आखिरी होगी. लेकिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक ऐसी महिला को दबोचा है जिसने राजस्थान से लेकर पाकिस्तान तक के खौफनाक राज उगल दिए हैं. इस महिला का नाम है खुशनुमा अंसारी, जिसे अंडरवर्ल्ड में ‘मैडम जहर’ के नाम से जाना जाता है.

ब्यूटी पार्लर या हथियारों का अड्डा?

-पूर्वी दिल्ली में मैडम ज़हर उर्फ नेहा एक ब्यूटी पार्लर चला रही थी. लेकिन पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि यह पार्लर महज एक दिखावा था. असल में, यहां से लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग के लिए हथियारों की डीलिंग और ड्रग्स की सप्लाई को मैनेज किया जाता था. मैडम जहर, गैंग के कुख्यात गन सप्लायर बॉबी कबूतर (महफूज) की गर्लफ्रेंड है और पिछले 7 सालों से उसके साथ लिविंग रिलेशनशिप में रह रही थी.

पाकिस्तान और आईएसआई कनेक्शन

मैडम जहर का नेटवर्क देश की सीमाओं के पार तक फैला था. उसका सीधा संपर्क नेपाल बॉर्डर पर पकड़े गए आईएसआई एजेंट सलीम पिस्टल से था. सलीम पिस्टल पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आने वाले हथियारों और ड्रग्स की खेप को भारत में प्रवेश कराता था, जिसे मैडम जहर और बॉबी कबूतर ठिकाने लगाते थे. यह सिंडिकेट राजस्थान के श्रीगंगानगर, बाड़मेर और बीकानेर बॉर्डर से आने वाली ड्रग्स को भी मैनेज कर रहा 

राजस्थान के कारोबारियों से रंगदारी

मैडम जहर के पास से बरामद मोबाइल फोनों ने राजस्थान के कई प्रतिष्ठित कारोबारियों की नींद उड़ा दी है. पुलिस को इसमें कई बड़े व्यापारियों के नंबर मिले हैं, जिनका इस्तेमाल लॉरेंस गैंग रंगदारी वसूलने के लिए कर रहा था. इसके अलावा, उसका संबंध जयपुर की ‘मैडम माया’ (सीमा मल्होत्रा) से भी पाया गया है, जिसे दिसंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया था. मैडम जहर दिल्ली से लॉजिस्टिक सपोर्ट और पैसा राजस्थान भेजती थी.

रणनीति में बदलाव: महिलाओं का इस्तेमाल

दिल्ली पुलिस का मानना है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग अब अपनी रणनीति बदल रहा है. पुलिस की नजर से बचने के लिए अब गैंग में महिलाओं को ‘मैनेजर’ के तौर पर शामिल किया जा रहा है. मैडम ज़हर गैंग की ‘फाइनेंशियल मैनेजर’ थी, जो ड्रग्स से आने वाले काले धन को हवाला के जरिए सफेद करती थी और उसी पैसे से आधुनिक हथियार खरीदती थी. फिलहाल, पुलिस मैडम ज़हर के मोबाइल डाटा को खंगाल रही है, जिससे राजस्थान के कई सफेदपोशों के चेहरों से नकाब उतरने की उम्मीद है. 

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