Jaipur Accident Report: आमतौर पर माना जाता हैं कि रात के अंधेरे या कोहरे में सड़क हादसे अधिक होते हैं, लेकिन नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की नवीनतम रिपोर्ट (वर्ष 2024) ने इस धारणा को बदल दिया है।

/JAIPUR NEWS/DAILY JAIPUR TIMES
Jaipur Accident Report: आमतौर पर माना जाता हैं कि रात के अंधेरे या कोहरे में सड़क हादसे अधिक होते हैं, लेकिन नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की नवीनतम रिपोर्ट (वर्ष 2024) ने इस धारणा को बदल दिया है। आंकड़ों के अनुसार, जैसे-जैसे दिन का उजाला बढ़ता है और सड़कों पर मानवीय गतिविधियां रफ्तार पकड़ती है, दुर्घटनाओं का ग्राफ भी तेजी से ऊपर चढ़ता है।
24 घंटों के चक्र में ‘शाम 6:00 बजे से रात 9:00 बजे’ का समय देश, राजस्थान और जयपुर तीनों ही स्तरों पर सबसे जानलेवा यानी ‘डेडलिएस्ट ऑवर’ साबित हो रहा है। इस समय चक्र में सर्वाधिक सड़क हादसे सामने आए हैं।
दिन के उजाले और शाम को हादसों के मुख्य कारण
रश ऑवर’ का तनाव और डेडलाइन का दबावः सुबह 9 से 12 और शाम 5 से 8 बजे के बीच दफ्तर, बिजनेस और स्कूल-कॉलेज के कारण सड़कों पर अचानक वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। गंतव्य पर जल्दी पहुंचने की होड़ में लोग ट्रैफिक सिग्नल तोड़ते हैं और खतरनाक तरीके से ओवरटेक करते हैं।
अति-आत्मविश्वास (फॉल्स सेंस ऑफ सिक्योरिटी
रात के अंधेरे में चालक सतर्क रहकर सीमित गति में वाहन चलाते हैं। इसके उलट, दिन के उजाले में सब कुछ साफ दिखने के कारण चालकों में सुरक्षा का छद्म भाव आ जाता है। जिससे वे ओवरस्पीडिंग करने लगते हैं। यही अति-आत्मविश्वास हादसों का बड़ा कारण बनता है
ब्लैक स्पॉट पर तैनात हो पुलिस
जब डेटा साफ बता रहा है कि शाम 6 से रात 9 बजे के बीच सबसे ज्यादा खून सड़कों पर बह रहा है, तो पुलिस की तैनाती थानों के बजाय दुर्घटना संभावित ‘ब्लैक स्पॉट्स’ पर होनी चाहिए। साथ ही, दिन के उजाले में होने वाली ओवरस्पीडिंग को रोकने के लिए नेशनल हाईवेज और मुख्य सड़कों पर एआइ आधारित स्पीड रडार कैमरे सक्रिय किए जाने चाहिए।