राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार सचिन पायलट को लेकर बयान दे रहे हैं। ऐसे में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दावा किया है कि सचिन पायलट को जल्द ही कांग्रेस पार्टी राजस्थान में कोई बड़ा पद देने वाली है।
VISHNU AGARWAL/JOURNALIST/DAILY INDIATIMES

जयपुर: राजस्थान की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस बीच सचिन पायलट को कांग्रेस संगठन में प्रदेशाध्यक्ष जैसी कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने की अटकलें भी जोर पकड़ रही हैं। अशोक गहलोत के इस अचानक ‘अटैकिंग मोड’ में आने और सियासी सरगर्मी बढ़ने के पीछे क्या वजहें हैं, आइए इसे 3 मुख्य पाइंट्स में समझते हैं।
पायलट को प्रदेशाध्यक्ष बनाने की अटकलें और गहलोत की शिकायत
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा बेहद तेज है कि कांग्रेस आलाकमान सचिन पायलट को संगठन में कोई नई और बड़ी जिम्मेदारी जैसे प्रदेशाध्यक्ष पद सौंपने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इसी बीच, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक पुराना वाकया याद दिलाते हुए पायलट पर निशाना साधा। गहलोत ने कहा कि जब सचिन पायलट को केंद्रीय मंत्री बनाया गया था, तब उन्होंने खुद उस प्रक्रिया में पायलट की मदद की थी। गहलोत ने अपनी बात रखते हुए कहा-
उन्होंने अपने बयानों में कभी इस मदद का जिक्र नहीं किया, इस बात की मुझे शिकायत है। जब उन्होंने मुझे फोन किया, तो मैंने उनसे कहा था कि मैंने उनकी तरफ से बात की है और वे मंत्री बनेंगे। लेकिन उन्होंने खुद कभी यह बात स्वीकार नहीं की, जिससे मुझे दुख होता है। अगर उन्होंने इसे स्वीकार किया होता, तो मामला इस हद तक नहीं बढ़ता।पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
कर्नाटक का घटनाक्रम और विपक्षी दलों की बयानबाजी
राजस्थान की इस मौजूदा सियासी हलचल को कर्नाटक के राजनीतिक घटनाक्रम से भी जोड़कर देखा जा रहा है, जहां डीके शिवकुमार को संगठन की कमान के बाद मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिली। इसके साथ ही विपक्षी दलों की बयानबाजी ने राजस्थान कांग्रेस के इस अंदरूनी मामले को हवा दे दी है। बीजेपी नेताओं का मानना है कि जैसे ही पायलट को आगे बढ़ाने की बात आती है, कांग्रेस के भीतर खींचतान शुरू हो जाती है। बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व और मदन राठौड़ जैसे नेताओं ने खुलकर कहा है कि गहलोत राजनीतिक रूप से सचिन पायलट को आगे नहीं पनपने देना चाहते, जिसके कारण दोनों नेताओं के बीच की खाई कम होने का नाम नहीं ले रही है।
गजेंद्र सिंह शेखावत के बयान से बढ़ी सरगर्मी
इस पूरे घटनाक्रम पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बयान ने सियासी पारे को और चढ़ा दिया है। जोधपुर में शेखावत ने तंज कसते हुए कहा कि जब भी कांग्रेस संगठन सचिन पायलट को कोई बड़ा जिम्मा देना चाहता है, गहलोत बोतल से पुराना जिन्न निकाल लेते हैं। अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए शेखावत ने कहा-
अशोक गहलोत की सचिन पायलट को लेकर लगातार बयानबाजी से अब प्रदेश कांग्रेस खेमे की एक बार फिर दो गुटों में बदलने की संभावना तेज हो गई है। अगर ऐसा हुआ तो मानेसर वाला प्रकरण दोबारा देखने को मिल सकता है।