Sunday, March 22
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Dhurandhar 2 Box Office Collection: ओपनिंग डे पर टूटे कई रिकॉर्ड, ‘धुरंधर द रिवेंज’ ने छापे इतने करोड़

Dhurandhar 2 Box Office Collection Day 1: रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर कैसी कमाई है, चलिए जानते हैं।

Dhurandhar 2 Box Office Collection Day 1: साल 2026 की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल ‘धुरंधर 2’ आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और पहले ही दिन इसने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त धमाका कर दिया है। रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म का क्रेज रिलीज से पहले ही देखने को मिल रहा था, जिसका असर इसकी ओपनिंग कमाई में साफ नजर आया।

रिलीज से पहले पेड प्रिव्यू शोज (Dhurandhar 2 Box Office Collection Day

रिलीज से पहले ही फिल्म के पेड प्रिव्यू शोज ने माहौल गर्म कर दिया था। दर्शकों की भारी भीड़ और एडवांस बुकिंग ने साफ कर दिया था कि यह फिल्म ओपनिंग डे पर बड़ा रिकॉर्ड बना सकती है। हालांकि, कुछ शहरों में प्रिव्यू शोज के दौरान तकनीकी दिक्कतें और शो कैंसिल होने जैसी समस्याएं भी सामने आईं, लेकिन इसके बावजूद फिल्म की कमाई पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा।

पहले दिन 100 करोड़ के पार पहुंची फिल्म (Dhurandhar 2 Box Office Collection Day 1)

सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘धुरंधर 2’ ने रिलीज से पहले ही अपने पेड प्रिव्यू शोज से लगभग 43 करोड़ रुपये की कमाई कर ली थी। वहीं, ओपनिंग डे पर फिल्म ने करीब 65 करोड़ रुपये का कलेक्शन जोड़ लिया। इस तरह फिल्म का कुल कलेक्शन पहले ही दिन 100 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया, जो इसे साल की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्मों में शामिल करता है।

अब सवाल यह उठता है कि क्या यह फिल्म अपने पहले पार्ट ‘धुरंधर’ से आगे निकल पाएगी या नहीं। शुरुआती आंकड़े तो काफी मजबूत नजर आ रहे हैं, लेकिन असली परीक्षा वीकेंड पर होगी।

कहानी और ट्विस्ट ने बांधा दर्शकों को

फिल्म की कहानी पहले भाग से आगे बढ़ती है, लेकिन इसकी शुरुआत फ्लैशबैक से होती है। इस बार दर्शकों को हमजा उर्फ जसकीरत सिंह रंगी के अतीत की झलक देखने को मिलती है। फिल्म में जासूसी, एक्शन और इमोशन का जबरदस्त मिश्रण है, जिसने दर्शकों को सीट से बांधे रखा।सबसे ज्यादा चर्चा फिल्म में ‘बड़े साहब’ के किरदार को लेकर रही। इस रहस्यमयी किरदार का खुलासा क्लाइमैक्स के करीब होता है, जिसने फैंस को चौंका दिया। फिल्म का अंत भी ऐसा रखा गया है, जिससे इसके तीसरे पार्ट की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

Meta ने नया क्रिएटर प्रोग्राम लॉन्च किया है, जिसमें Instagram और YouTube क्रिएटर्स को Facebook पर पोस्ट करने के लिए लाखों रुपये

अगर आप सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं या कंटेंट क्रिएटर हैं, तो आपके लिए बड़ी खबर है। फेसबुक की पैरेंट कंपनी Meta अब क्रिएटर्स को अपनी तरफ खींचने के लिए बड़ा कदम उठा रही है। कंपनी ने एक नया प्रोग्राम शुरू किया है, जिसके तहत Instagram और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म पर पहले से पॉपुलर क्रिएटर्स को फेसबुक पर पोस्ट करने के बदले पैसे दिए जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रोग्राम में क्रिएटर्स को लाखों रुपये तक कमाने का मौका मिल सकता है। यही वजह है कि यह खबर तेजी से वायरल हो रही है। आज के समय में ज्यादातर क्रिएटर्स YouTube, Instagram जैसे प्लेटफॉर्म पर ज्यादा एक्टिव हैं, इससे Facebook की पकड़ थोड़ी कम हुई है। इसी को बदलने के लिए Meta अब पैसा लगाकर क्रिएटर्स को वापस लाना चाहता है।

इतनी होगी कमाईइस प्रोग्राम में क्रिएटर्स को हर महीने पैसे दिए जाएंगे। जिनके पास 20 हजार से 1 लाख तक फॉलोअर्स हैं, उन्हें हर महीने कुछ सौ डॉलर तक मिल सकते हैं। वहीं जिनके पास 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, उन्हें हर महीने करीब $3000 (लगभग 2.7 लाख रुपए) तक मिल सकते हैं। Facebook अब कंटेंट क्रिएटर्स को उनकी कमाई समझाने और बढ़ाने के लिए नए मेट्रिक्स ला रहा है।

आसान भाषा में समझें तो अब कमाई सिर्फ views पर नहीं, बल्कि इस बात पर होगी कि आपका कंटेंट कितना engaging है, लोग उसे कितनी देर तक देखते हैं और कितनी अच्छी quality के views मिलते हैं। इसके लिए कंपनी ने कुछ नए टूल दिए हैं जैसे Qualified View, यानी वो views जिनसे आपको पैसे मिल सकते हैं। Earnings Rate, जिससे पता चलेगा कि हर 1000 views पर लगभग कितनी कमाई हो रही है। और Non-Qualified Views, जिसमें बताया जाएगा कि किन views से कमाई क्यों नहीं हो रही।

Meta ऐसा क्यों कर रहाMeta का यह कदम सीधे तौर पर YouTube और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म से मुकाबला करने के लिए है। असल में, आजकल युवा यूजर्स Facebook पर कम और दूसरे प्लेटफॉर्म पर ज्यादा समय बिताते हैं। इसी को बदलने के लिए कंपनी क्रिएटर्स को पैसे देकर उन्हें Facebook पर एक्टिव करना चाहती है। जब बड़े क्रिएटर्स Facebook पर आएंगे, तो उनके फॉलोअर्स भी वहां एक्टिव होंगे, जिससे प्लेटफॉर्म की ग्रोथ बढ़ेगी।बढ़ रहा कॉम्पिटिशनअभी बुक करेंआज के समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के बीच सबसे बड़ी लड़ाई “क्रिएटर्स” को लेकर है। YouTube पहले से ही क्रिएटर्स को अच्छा पैसा देता है। Instagram भी Reels और ब्रांड डील्स के जरिए कमाई का मौका देता है। अब Facebook भी इसी रेस में तेजी से आगे बढ़ना चाहता है। Meta पहले भी क्रिएटर्स को करोड़ों डॉलर दे चुका है, ताकि प्लेटफॉर्म पर कंटेंट बढ़ सके।

VISHNU AGARWAL EDITOR/DAILY INDIATIMES/DAILY JAIPUR TIMES NEWS NETWORK/WITH JOURNALIST TEAM/18 मार्च 2026

Rajasthan: राजस्थान दिवस पर मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान का शुभारंभ, CM ने बताया गांवों-वार्डों के विकास का मास्टर प्लान

Rajasthan Day 2026: राजस्थान दिवस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान’ की शुरुआत कर विकास को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजस्थान दिवस के अवसर पर विकास को जनआंदोलन का रूप देने की बड़ी पहल करते हुए मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अभियान की वेबसाइट और वीडियो का लोकार्पण करते हुए कहा कि यह अभियान विकसित राजस्थान बनाने की दिशा में एक व्यापक जनआंदोलन की पहल है।

उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत राज्य की सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय वार्डों के लिए स्थानीय आकांक्षाओं के अनुरूप विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव से लेकर शहर के वार्डों तक विकास की नई पहल को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ा जाए और इसे आमजन के जीवन में सुधार का व्यापक माध्यम बनाया जाए

स्थानीय स्तर पर रोजगार के बढ़ाएं अवसर

शर्मा ने कहा कि मास्टर प्लान में आधारभूत ढांचे के विकास के साथ-साथ स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक कौशल और रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखा जाए, ताकि गांवों में आबादी का संतुलन बना रहे और शहरों की ओर हो रहे पलायन को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव की स्थानीय खेती, वनस्पति, खनिज और पारंपरिक कला एवं उद्योगों की पहचान की जाए। कृषि आधारित क्षेत्रों में प्रोसेसिंग यूनिट, मंडी और वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे लोगों की आय में वृद्धि हो सके और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ें।

20 मार्च को होगी पहली ग्राम सभा व वार्ड सभा

उल्लेखनीय है कि 19 मार्च से 15 मई तक संचालित होने वाले मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान के अंतर्गत 20 मार्च को ग्राम पंचायतों में पहली ग्राम सभा तथा सभी शहरी वार्डों में वार्ड सभा आयोजित की जाएंगी, जिनके माध्यम से अभियान की रूपरेखा के बारे में आमजन को अवगत कराया जाएगा। इसके पश्चात चरणबद्ध रूप से अन्य ग्राम एवं वार्ड सभाएं आयोजित की जाएंगी।

पंचायत स्तरीय व वार्ड स्तर की टीम द्वारा आमजन से चर्चा कर डाटाबेस तैयार किया जाएगा तथा विभिन्न धारकों व विभागों से चर्चा के बाद ग्राम सभा व वार्ड सभाओं में मास्टर प्लान के कार्यों का अनुमोदन किया जाएगा। अभियान में साक्ष्य आधारित योजना निर्माण पर जोर देते हुए हर गांव और शहरी वार्ड की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जानकारी के आधार पर डायनामिक प्रोफाइल एवं जीआईएस आधारित बेस मैप तैयार किए जाएंगे। अभियान के क्रियान्वयन के लिए पोर्टल का उपयोग किया जाएगा

प्रति व्यक्ति आय बढ़कर हुई 2 लाख रुपए से अधिक

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार युवा, महिला, किसान और गरीब के समग्र विकास को लेकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अब तक सवा लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां देने, लखपति दीदी योजना में लगभग 16 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने एवं किसानों के लिए सम्मान निधि बढ़ाने का कार्य किया है। राज्य सरकार के इन प्रयासों से प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है और प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय पहली बार 2 लाख रुपए से अधिक हुई है।

गांवों की बने सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइल

शर्मा ने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा, सड़क, बिजली, पानी, रोजगार सहित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल करते हुए प्रत्येक गांव की सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइल तैयार की जाए। इसके लिए जिला कलेक्टर प्रत्येक गांव के किसान, युवा और महिलाओं से संवाद करें तथा सुझाव लें। उन्होंने कहा कि राजीविका एवं सहकारी समितियों की तर्ज पर स्थानीय स्तर पर समूह बनाए जाने के प्रयास किए जाएं तथा ग्राम पंचायतों के कार्यों के लिए युवाओं की टीम बनाकर उनसे सुझाव लिए जाएं

जयपुर में घरेलू नौकरानी की बड़ी वारदात, खाटूश्यामजी जाने का बहाना बना लाखों के गहने

और हजारों रुपए ले उड़ी

Jaipur Maid Theft: जयपुर के जगतपुरा स्थित पामकोर्ट कॉलोनी में घरेलू नौकरानी पर लाखों के गहने और नकदी चोरी का आरोप लगा है। मकान मालकिन ने मालवीय नगर थाने में मामला दर्ज कराया।

Jaipur Maid Theft: जयपुर के मालवीय नगर इलाके में घरेलू नौकरानी द्वारा विश्वासघात और चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जगतपुरा स्थित पामकोर्ट कॉलोनी में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला के घर से नौकरानी ने लाखों रुपए के सोने के जेवरात और नकदी पार कर दी।

हैरानी की बात यह है कि आरोपी नौकरानी को केवल एक महीने पहले ही काम पर रखा गया था। घटनाक्रम के अनुसार, 62 वर्षीय सोनिया उप्रेती ने मालवीय नगर थाने में इस संबंध में मामला दर्ज करवाया है।

रिपोर्ट में बताया गया कि करीब एक महीने पूर्व उन्होंने घर की साफ-सफाई और अन्य कार्यों के लिए एक महिला को काम पर रखा था। 19 फरवरी को सोनिया ने नौकरानी को कुछ पुराने कपड़े व्यवस्थित करने के लिए दिए थे।

अनजाने में कपड़ों के साथ चले गए गहने

सोनिया उप्रेती के मुताबिक, जिन कपड़ों को उन्होंने नौकरानी को संभालने के लिए दिया था, उनके बीच ही एक पाउच रखा हुआ था। इस पाउच में 65 हजार रुपए नकद और एक छोटी पोटली में सोने की दो चेन व 6-7 जोड़ी कानों के टॉप्स रखे हुए थे।इसके अलावा कपड़ों की तह के नीचे उनके सोने के दो कंगन भी रखे थे। अनजाने में यह कीमती सामान कपड़ों के साथ ही नौकरानी के पास चला गया।

छुट्टी से लौटी तो खुला राज

21 फरवरी को आरोपी नौकरानी ने खाटूश्यामजी मंदिर जाने का बहाना बनाया और छुट्टी लेकर चली गई। अगले दिन जब वह वापस काम पर लौटी, तब तक सोनिया को अलमारी और कपड़ों के बीच रखे गहने व कैश गायब होने का अहसास हो चुका था। जब उन्होंने सामान की तलाश की और नौकरानी की संदिग्ध गतिविधियों पर गौर किया, तो उन्हें चोरी का पूरा यकीन हो गया।

पुलिस जांच और सुरक्षा अलर्ट

मालवीय नगर थाना पुलिस ने चोरी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और अब नौकरानी की तलाश में जुट गई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या नौकरानी ने पहले भी कहीं इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।

जयपुर में प्लॉट-मकान लेने से पहले जांच लें ये इलाके, जेडीए ने इन इलाकों में 15 बीघा जमीन पर चलाया बुलडोजरJDA News: अभियान के दौरान जेडीए की प्रवर्तन शाखा, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद रही।

JDA Action In Jaipur: राजधानी जयपुर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने सख्त कार्रवाई करते हुए ‘जीरो टॉलरेंस अभियान’ चलाया। इस अभियान के तहत जेडीए की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए करीब 30 करोड़ रुपए कीमत की लगभग 15 बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया और अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश भी विफल कर दी गई। जेडीए अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई शहर में बढ़ते अवैध निर्माणों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई। अभियान के दौरान जेडीए की प्रवर्तन शाखा, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद रही

देव विहार योजना में हटाया अतिक्रमण

कार्रवाई के तहत जेडीए की टीम ने देव विहार योजना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 15 बीघा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। यहां कुछ लोगों द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध निर्माण की कोशिश की जा रही थी। जेडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से निर्माण को हटाया और जमीन को वापस सरकारी कब्जे में लिया।

त्रिवेणी नगर में अवैध निर्माण पर सीलिंग

इसके अलावा जेडीए ने त्रिवेणी नगर क्षेत्र में भी कार्रवाई करते हुए एक अवैध निर्माण के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्माण नियमों के विपरीत किया जा रहा था। कई बार नोटिस देने के बाद भी निर्माण नहीं रोका गया, जिसके बाद जेडीए को सख्त कदम उठाना पड़ा।

ग्रामीण इलाकों में भी अतिक्रमण हटाया

अभियान के दौरान जेडीए की टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी कार्रवाई की। ग्राम मुंडोता में करीब 6 बीघा और माचवा क्षेत्र में करीब 1.5 बीघा जमीन से अतिक्रमण हटाया गया। यहां अवैध रूप से कॉलोनी बसाने की कोशिश की जा रही थी। जेडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्लॉटिंग के लिए बनाई गई सीमाएं और निर्माण सामग्री हटवा दी। जेडीए अधिकारियों का कहना है कि शहर में अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और जहां भी अवैध कब्जे की सूचना मिल रही है, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है।अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी जमीन पर कब्जा करने या अवैध निर्माण करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जेडीए का ‘जीरो टॉलरेंस अभियान’ आगे भी जारी रहेगा, ताकि शहर में नियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके और सरकारी जमीन को अतिक्रमण से बचाया जा सके।

Jaipur Development: जयपुर में 36 KM की एलिवेटेड रोड, मेट्रो लाइन के बीच नया कॉरिडोर, जानें JDA का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानJDA’s Infrastructure Plan: जयपुर में ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए द्रव्यवती नदी के बहाव क्षेत्र में करीब 36 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाने की योजना तैयार की जा रही है। इस प्रोजेक्ट के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) जल्द डीपीआर तैयार कराने के लिए टेंडर जारी करेगा।

Jaipur’s Elevated Road Project: जयपुर की द्रव्यवती नदी के बहाव क्षेत्र में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना का रास्ता अभी पूरी तरह साफ नहीं है। एलिवेटेड रोड के रास्ते में कई बाधाएं हैं। इनमें पहले से बनी एलिवेटेड रोड, मेट्रो कॉरिडोर और हाईटेंशन लाइन का तोड़ निकालना होगा। 36KM में JDA एविलेटेड रोड की संभावनाएं तलाशने के लिए इस माह में डीपीआर का टेंडर जारी करेगा। डीपीआर में करीब पांच करोड़ रुपए खर्च करेगा।सूत्रों की मानें तो एलिवेटेड रोड का काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। पहले चरण में सांगानेर और प्रताप नगर की ओर पांच से सात किमी में नदी के ऊपर एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी।

सड़क को विकसित करने पर करें काम

 हिस्से में नदी के दोनों ओर जमीन खाली है। उसको जेडीए बेच भी नहीं सकता। ऐसे में यहां सड़क बनाकर यातायात को सुचारू भी कर सकता है। एक्सपर्ट मानते हैं कि इससे जेडीए का पैसा भी कम खर्च होगा और काम भी जल्द हो जाएगा। एलिवेटेड रोड खर्चीला प्रोजेक्ट है जहां नदी किनारे घनी आबादी है, वहां पर बहाव क्षेत्र में एलिवेटेड पर विचार किया जा सकता है।

राह के रोड़े, खोजना होगा हल

अजमेर रोड पर एलिवेटेड रोड की सड़क से 7.5 मीटर ऊंचाई है। इसके करीब छह से सात मीटर ऊपर से एलिवेटेड रोड निकालनी होगी।यही स्थिति आतिश मार्केट पर मेट्रो ट्रेन के रूट के दौरान भी नजर आएगी। मुख्य सड़क से करीब 50 फीट ऊपर से गुजारनी होगी।एलिवेटेड रोड से वाहनों को उतारने और चढ़ाने के लिए मुख्य सड़क पर अतिरिक्त जमीन की जरूरत पड़ेगी। पांच से छह जगह लेग बनाई जाएंगी। ज्यादातर मुख्य सड़कों पर जमीन का अभाव है।

ये हैं बाधाएं

अजमेर रोड स्थित सुशीलपुरा पुलिया पर आचार्य तुलती सेतु बाधा बनेगा। इसके ऊपर से एलिवेटेड रोड को निकालना आसान नहीं होगा।आतिश मार्केट से गुजरने पर मेट्रो रूट आएगा। इसके ऊपर से एलिवेटेड रोड निकालनी होगी। सेफ्टी कॉरिडोर को ध्यान में रखते हुए ऊंचाई और बढ़ सकती है।मानसरोवर में हाईटेंशन लाइन बाधा बनेगी। हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि इन हाईटेंशन लाइन को भूमिगत किया जाएगा।बम्बाला पुलिया, टोंक रोड पर मेट्रो फेज-2 का प्रस्तावित रूट है। सांगानेर क्षेत्र से गुजरने वाली द्रव्यवती नदी पर एलिवेटेड रोड प्रस्तावित है। जेडीए अधिकारियों को कहना है समन्वय कर डिजायन तैयार की जाएगी।

अनोखी दीवानगी, भयंकर गर्मी में सड़क पर लेटकर 600 KM की खौफनाक यात्रा कर रहा संत, इच्छा है CM बनें ‘सचिन

Sant Rajgiri Dandavat Yatra: करौली के पांचना आश्रम से ताल्लुक रखने वाले संत राजगिरी इन दिनों भीषण गर्मी के बीच तपती सड़क पर ‘कनक दंडवत’ करते हुए आगे बढ़ रहे हैं

Sachin Pilot News: राजस्थान की सियासत में नेताओं के प्रति दीवानगी अक्सर देखने को मिलती है, लेकिन करौली के एक संत ने जो रास्ता चुना है, उसने सबको हैरान कर दिया है। करौली के पांचना आश्रम से ताल्लुक रखने वाले संत राजगिरी इन दिनों भीषण गर्मी के बीच तपती सड़क पर ‘कनक दंडवत’ करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। उनका लक्ष्य कोई निजी स्वार्थ नहीं, बल्कि सचिन पायलट को वर्ष 2028 में राजस्थान के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखना 

अजीब है ये ‘लगाव’: कभी मिले नहीं, फिर भी अटूट विश्वास

हैरानी की बात यह है कि संत राजगिरी का पायलट से कभी कोई निजी परिचय नहीं रहा है। वे न तो कभी उनसे मिले हैं और न ही किसी राजनीतिक दल से उनका सक्रिय वास्ता है। संत का कहना है कि यह उनका ‘हठयोग’ है। वे पायलट को एक ऐसा जननेता मानते हैं, जो हमेशा जनता के सुख-दुख में साथ खड़ा रहता है। उन्होंने संकल्प लिया है कि वे सचिन पायलट से तभी मुलाकात करेंगे, जब वे मुख्यमंत्री की शपथ ले लेंगे।

कठिन तपस्या: करौली से द्वारकाधीश तक का सफर

यह संत राजगिरी की तीसरी बड़ी यात्रा है। इससे पहले वे गंगोत्री और जगन्नाथ पुरी तक की हजारों किलोमीटर की यात्रा दंडवत करते हुए पूरी कर चुके हैं। अब वे करौली से द्वारकाधीश तक की 600 किलोमीटर की यात्रा पर हैं। वर्तमान में वे पायलट के निर्वाचन क्षेत्र टोंक से गुजर रहे हैं। प्रतिदिन 10 से 12 किलोमीटर का सफर सड़क पर लेटकर (दंडवत) पूरा करते हुए उनके चेहरे पर थकान नहीं, बल्कि अपनी मन्नत पूरी होने का अटूट विश्वास झलकता है।

सियासत और साधना का संगम

जब उनसे पूछा गया कि एक संत का राजनीति से क्या लेना-देना? तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्थान के करोड़ों लोगों की भावनाएं पायलट से जुड़ी हैं और वे एक माध्यम बनकर इस कामना को भगवान द्वारकाधीश के चरणों तक ले जा रहे हैं। राजस्थान की झुलसाती गर्मी में भी उनका यह सफर जारी है, जिसे देखने के लिए हाईवे पर लोगों का हुजूम उमड़ रहा है।

राजस्थान के 37 IAS-IPS अफसर को बड़ी ज़िम्मेदारी, चुनावी राज्यों में रोकेंगे धनबल-बाहुबल-हिंसालोकतंत्र के इस महापर्व को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने अपनी ‘स्पेशल फोर्स’ यानी केंद्रीय पर्यवेक्षकों को मैदान में उतार दिया है। इस बार राजस्थान के प्रशासनिक और पुलिस बेड़े का दबदबा इन चुनावों में साफ नजर आने वाला है।

भारत निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 के साथ-साथ विभिन्न राज्यों में होने वाले उपचुनावों के लिए अपनी तैयारियां अंतिम चरण में पहुँचा दी हैं। इस महा-आयोजन को सफल बनाने के लिए देशभर से 1,111 केंद्रीय पर्यवेक्षक (Observers) तैनात किए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में राजस्थान की बड़ी भूमिका सामने आई है, जहाँ से 37 वरिष्ठ अधिकारियों को ‘इलेक्शन वॉचडॉग’ के रूप में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राजस्थान से 28 IAS और 9 IPS का चयन

राजस्थान कैडर के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की कार्यकुशलता पर भरोसा जताते हुए निर्वाचन आयोग ने प्रदेश से कुल 37 अधिकारियों का चयन किया है।

IAS अधिकारियों का दल

राजस्थान से 28 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी ‘सामान्य पर्यवेक्षक’ (General Observers) के रूप में तैनात किए गए हैं। ये चुनाव प्रक्रिया के कुशल प्रबंधन और कानून-व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

IPS अधिकारियों की टीम

IPS अधिकारियों की टीम: 9 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी ‘पुलिस पर्यवेक्षक’ (Police Observers) के रूप में तैनात किए गए हैं, जिनका मुख्य काम संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना और हिंसा मुक्त चुनाव संपन्न कराना है।

राजस्थान के अफसरों पर क्यों है भरोसा?

राजस्थान कैडर के अधिकारियों का पिछला रिकॉर्ड निष्पक्ष चुनाव कराने में बेहतरीन रहा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और राजनीतिक चुनौतियों के बीच भी शांतिपूर्ण मतदान कराने का उनका अनुभव अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में काम आएगा। व्यय पर्यवेक्षक (Expenditure Observers) भी तैनात किए गए हैं जो यह सुनिश्चित करेंगे कि चुनावों में धनबल का अनुचित प्रयोग न हो

जनता और उम्मीदवारों से सीधे संवाद का निर्देश

निर्वाचन आयोग ने पर्यवेक्षकों के लिए ‘वर्किंग प्रोटोकॉल’ जारी किया है:संपर्क विवरण: पर्यवेक्षक अपने क्षेत्र में पहुँचते ही अपना मोबाइल नंबर और संपर्क विवरण सार्वजनिक करेंगे।मिलने का समय: वे प्रतिदिन एक निश्चित समय निर्धारित करेंगे जिसमें कोई भी उम्मीदवार, राजनीतिक दल का प्रतिनिधि या आम नागरिक उनसे मिलकर चुनाव संबंधी शिकायत दर्ज करा सकेगा।

Bharatpur Road : भरतपुर में करीब साढ़े तीन किमी सड़क बनेगी सिक्सलेन, ट्रैफिक सिस्टम बदलेगा, ₹67 करोड़ मंजूर

Bharatpur Road : भरतपुर शहर के सड़क ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। शहर में करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सड़क को सिक्सलेन में विकसित किया जाएगा। सिक्सलेन सड़क की लागत लगभग 67 करोड़ रुपए आएगी

Bharatpur Road : भरतपुर शहर के सड़क ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब शीशम तिराहे से चामड़ होते हुए सरसों अनुसंधान केन्द्र तक करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सड़क को सिक्सलेन में विकसित किया जाएगा। लगभग 67 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली यह सड़क शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने के साथ ही सौंदर्यीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

भरतपुर शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण की प्रक्रिया पहले से चल रही है। इसी कड़ी में अब शीशम तिराहे से लेकर सरसों अनुसंधान केन्द्र तक सिक्सलेन सड़क निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।

ऐसा होगा सड़क का ढांचा

इस सिक्सलेन सड़क के निर्माण में आधुनिक शहरी डिजाइन को ध्यान में रखा जाएगा। दोनों ओर 11-11 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क बनाई जाएगी। इसके अलावा 5 मीटर का यूटिलिटी जोन विकसित किया जाएगा, जिसमें अंडरग्राउंड बिजली लाइन, स्ट्रीट लाइट और पानी की पाइपलाइन जैसी सुविधाएं रहेंगी।

सड़क के बीच में आकर्षक डिवाइडर बनाया जाएगा। मुख्य सड़क के दोनों ओर साढ़े तीन-साढ़े तीन मीटर चौड़ी सर्विस लेन का निर्माण भी किया जाएगा, ताकि स्थानीय यातायात मुख्य सड़क पर प्रभावित न हो। इसके अलावा जल निकासी की समस्या से निपटने के लिए दोनों ओर नालों का भी निर्माण किया जाएगा।

शहर में कई जगह सड़कें हो रहीं चौड़ी

भरतपुर शहर में यातायात सुधार के लिए अन्य प्रमुख मार्गों का भी चौड़ीकरण किया जा रहा है। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान से बी-नारायण गेट तक, बी-नारायण गेट से अटलबंध सिरकी वाले हनुमान मंदिर तक, आरबीएम अस्पताल से चांदपोल गेट तक, हीरादास बस स्टैंड से मथुरा बाइपास तक तथा रेडक्रॉस सर्किल से गोवर्धन गेट और रेलवे स्टेशन तक सड़कों को चौड़ा करने की कार्रवाई चल रही है।

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद भरतपुर शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। साथ ही आधुनिक सड़क ढांचा शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था दोनों को नई पहचान देगा।

LPG Supply: अब बिना ओटीपी सत्यापन और डायरी में एंट्री के किसी भी उपभोक्ता को नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर

LPG Distribution System: एलपीजी आपूर्ति पर सख्ती, बिना ओटीपी अब नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर। प्रदेश में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति, डाइवर्जन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश। गैस एजेंसियों की निगरानी बढ़ी, फील्ड अधिकारियों को रोजाना निरीक्षण के आदेश।

LPG Supply OTP Rule: जयपुर. प्रदेश में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को राहत देने और आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गुरुवार को सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अब बिना ओटीपी सत्यापन और डायरी में एंट्री के किसी भी उपभोक्ता को गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेश में घरेलू गैस आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है और बुकिंग के 3 से 4 दिनों के भीतर सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। साथ ही अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, अन्नपूर्णा रसोइयों और धार्मिक स्थलों को भी निर्बाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य में संचालित लगभग 1300 गैस एजेंसियों के माध्यम से निरंतर गैस आपूर्ति हो रही है।

डाइवर्जन रोकने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था

बैठक में सामने आया कि कुछ स्थानों पर बिना ओटीपी के गैस वितरण से डाइवर्जन की घटनाएं हो रही थीं, जिससे वास्तविक उपभोक्ताओं को परेशानी होती थी। इस पर मंत्री ने गैस कंपनियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी एजेंसियों में ओटीपी प्रणाली और डायरी एंट्री अनिवार्य रूप से लागू की जाए।इसके साथ ही सभी गैस एजेंसियों में पोस्टर और बैनर के माध्यम से उपभोक्ताओं को जागरूक करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी उपभोक्ता नियमों से अनजान न रहे।

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