जयपुर में चिकित्सा अधिकारी भर्ती में फर्जी दस्तावेज के आरोप में तीन डॉक्टरों के खिलाफ एसओजी में एफआईआर दर्ज हुई है। कोर्ट के आदेश पर डॉ. अरविंद गैट, डॉ. मनोज कुमार यादव और डॉ. महेंद्र गुर्जर पर गलत घोषणाओं और संदिग्ध डिग्री के आधार पर नौकरी पाने का आरोप लगा है।

VIJAY KUMAR JOURNALIST/JAIPUR NEWS/DAILY JAIPUR TIMES
जयपुर: चिकित्सा अधिकारी भर्ती में फर्जी दस्तावेज और गलत घोषणाओं के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने के आरोप में तीन डॉक्टरों के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) में एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जयपुर महानगर-द्वितीय के आदेश पर यह मामला दर्ज हुआ है और जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।
परिवादी अमन कुमार, निवासी नाघोड़ी, कोटपूतली-बहरोड़ ने न्यायालय में परिवाद पेश कर आरोप लगाया कि कुछ डॉक्टरों ने मेडिकल काउंसिल पंजीकरण और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े दस्तावेज में अनियमितताएं कर चिकित्सा विभाग में नियुक्ति ली है। न्यायालय ने एसओजी को एफआईआर दर्ज कर जांच के निर्देश दिए।
शिकायत में लगाए ये आरोप
एफआईआर के अनुसार, आरोपी डॉक्टरों में डॉ. अरविंद गैट, डॉ. मनोज कुमार यादव और डॉ. महेंद्र कुमार गुर्जर शामिल हैं। आरोप है कि इन डॉक्टरों ने भर्ती के दौरान फर्जी या अधूरे दस्तावेज देकर चयन प्रक्रिया में भाग लिया और पद हासिल किया।
परिवाद में आरोप है कि डॉ. अरविंद गैट ने वर्ष 2013 की भर्ती में राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण की गलत जानकारी दी, जबकि उनका पंजीकरण नियुक्ति के बाद हुआ था। इसी तरह डॉ. मनोज कुमार यादव पर वर्ष 2014 की भर्ती में पंजीकरण की गलत घोषणा का आरोप है। उन्हें 2015 में नियुक्ति मिली जबकि उनका स्थायी पंजीकरण 2019 में हुआ था
, डॉ. महेंद्र कुमार गुर्जर पर विदेश से प्राप्त डिग्री और इंटर्नशिप के दस्तावेज को लेकर संदेह जताया गया है। परिवादी का कहना है कि उन्होंने चीन की यूनिवर्सिटी से प्रमाणपत्र के आधार पर आवेदन किया, जिसके दस्तावेज की वैधता संदिग्ध है।
परिवादी ने यह भी आरोप लगाया कि नियुक्तियों में विभागीय स्तर पर दस्तावेज के सत्यापन में गंभीर लापरवाही बरती गई। एसओजी अब संबंधित मेडिकल काउंसिल और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से दस्तावेज मंगवाकर उनकी सत्यता की जांच करेगी