Thursday, May 7
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Who is Vijay Thalapathy: सुपरस्टार विजय ने 2026 के तमिलनाडु चुनावों में इतिहास दोहरा दिया है। बता दें कि तमिलनाडु की राजनीति में जब भी कोई फिल्मी सितारा उतरा है, इतिहास बदला है। एमजीआर और जयललिता की विरासत वाले इस राज्य में अब ‘थलापति’ विजय अपनी नई इबारत लिखने को तैयार हैं।

VISHNU AGARWAL EDITOR DAILY INDIATIMES

चेन्नई: धमाकेदार एंट्री से तमिलनाडु की राजनीति में तहलका मचाने वाले थलापति विजय ने राजनीतिक धुरंधरों के पसीने छुड़ा दिए हैं। तमिल सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक विजय ने अपनी पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कजगम’ के साथ राजनीति में सफलतापूर्वक कदम रखा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘नालैया थीरपू’ से की थी, जो ज़्यादा सफल नहीं रही, लेकिन बाद में उन्होंने ‘गिल्ली’, ‘थुप्पाक्की’ और ‘मर्सल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फ़िल्मों के ज़रिए एक बड़ा फैन बेस बनाया।

चुनाव लड़ने को सिनेमा से संन्यास

पिछले कुछ सालों में, एक ‘मास हीरो’ के तौर पर उनकी ऑन-स्क्रीन छवि, उनकी असल जिंदगी की छवि से काफी हद तक मेल खाने लगी है, खासकर उन फिल्मों के जरिए जिनमें राजनीतिक संदेश होते हैं। 2024 में, विजय ने औपचारिक रूप से राजनीति में प्रवेश किया, जो सिनेमा से सार्वजनिक जीवन की ओर उनके बदलाव का संकेत था। उनकी पार्टी का लक्ष्य तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ना था। इसके लिए उन्होंने फिल्मों से संन्यास तक ले लिया और अपनी राजनीतिक पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कजगम’ लॉन्च कर दी।

18 की उम्र में फ्लॉप फिल्म से शुरूआत

विजय ने 1992 में 18 साल की उम्र में फिल्म ‘नालैया थीरपू’ से मुख्य अभिनेता के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की। यह फिल्म फ्लॉप हो गई। उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर, खुद एक फिल्म निर्माता थे। उन्होंने अपने बेटे का साथ नहीं छोड़ा और उन्हें ऐसे प्रोजेक्ट्स में काम दिया, जिनसे उनका करियर जिंदा रहा। 90 के दशक के आखिर में, ‘काधालुक्कू मरियाधाई’ जैसी रोमांटिक फिल्मों के जरिए धीरे-धीरे उनके फॉलोअर्स बढ़ने लगे। किसी ने अंदाजा भी नहीं लगाया था कि आगे क्या होने वाला है।

2004 में ‘गिल्ली’ से किया धमाका

2004 में आई फिल्म ‘गिल्ली’ पहली ऐसी तमिल फिल्म बनी, जिसने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 500 मिलियन रुपये से ज्यादा की कमाई की। इसने 1969 में आई MGR की फिल्म ‘अदिमई पेन’ के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। उस समय के बाद से, विजय को कोई टक्कर नहीं दे पाया। ‘थुप्पाक्की’, ‘मर्सल’, ‘मास्टर’, ‘लियो’ पिछले दो दशकों में एक के बाद एक ब्लॉकबस्टर फिल्में आती रहीं। उन्होंने कुल 68 फिल्मों में काम किया और तमिलनाडु में हर उम्र के लोगों के बीच अपना फैन बेस तैयार किया। उनके फैन्स उन्हें ‘थलापति’ यानी ‘कमांडर’ कहकर बुलाते थे।

राजनीतिक किरदारों से बनाई दमदार छवि

विजय की आखिरी कई फिल्मों में उन्होंने राजनीतिक संदेश के जरिए एक अलग मैसेज जनता तक पहुंचाया। 2013 में आई उनकी हिट फिल्म ‘थलाइवा’ को ‘Time to Lead’ टैगलाइन के साथ रिलीज किया गया था। इसके बाद ‘सरकार’, ‘कत्थी’ और ‘मास्टर’ जैसी फिल्में आईं, जिनमें से हर फिल्म में पिछली फिल्म के मुकाबले ज्यादा मजबूत राजनीतिक संदेश छिपा हुआ था। यहां तक कि उनकी आखिरी फिल्म का शीर्षक ‘जन नायकन’ था, जिसका अर्थ है ‘जनता का नेता।’

चुनाव परिणामों में किंग बनकर उभरे विजय

सुपरस्टार विजय तमिलनाडु चुनावों में दमदारी के साथ उभरे हैं। उनकी पार्टी तमाम राजनीतिज्ञों की भविष्यवाणी को धता बताते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। अभी वोटों की गिनती चल ही रही है लेकिन टीवीके 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाए हुए

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