
VISHNU AGARWAL/VIJAY KUMAR/DAILY INDIATIMES DIGITAL JOURNALISM PLATFORM
नमस्कार मैं विष्णु अग्रवाल आप सभी का स्वागत करता हूं। आप देख रहे हैं डेली इंडिया टाइम डी न्यूज़ चैनल। बात आज राजस्थान में चल रहे यूथ कांग्रेस चुनाव की। राजस्थान में यूथ कांग्रेस का जो चुनाव है उसकी लास्ट डेट है 20 मई। 20 मई की शाम को जो चुनाव है वो थम जाएगा। लेकिन जो अभी हमको देखने को मिल रहा है वो काफी रोचक है। राज्य यूथ कांग्रेस के चुनाव में जो प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रत्याशी हैं उनमें कुछ खास प्रत्याशियों के बारे में आज हम आपके सामने बात करने वाले हैं। सिरोही से एक प्रत्याशी हैं यूथ कांग्रेस की जिन्होंने अपनी दावेदारी ठोक रखी है प्रदेश अध्यक्ष के लिए राजस्थान अध्यक्ष के लिए। हम बात कर रहे हैं डिंपल सिंधल की। डिंपल सिंधल एक तेजतर्रार कांग्रेस की युवा नेता हैं। मौजूदा समय में महासचिव पद पर हैं और उनकी उनका दावा है कि वो इस बार प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव जीत जाएंगी और उनका यह मानना है और वो ये तय मान के चल रही हैं कि प्रदेश अध्यक्ष की दावेदारी के तौर पर देखा जाए तो उनका नाम वो कड़ी टक्कर दे रही है और उनका नाम बराबर टक्कर में बना हुआ है।
ये उनका दावा है और हमारी जो मीडिया रिपोर्ट्स हैं अभी हम हमने जब दीप जो डिपर सिंदल की बयान के अनुसार जिसमें उन्होंने ये दावा किया है कि मैं प्रदेश अध्यक्ष की सशक्त दावेदार हूं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी जब हमने खंगाला काफी रोचक काफी काफी एग्रेसिव और काफी साहसिक अंदाज में वहां हमने उनका कंटेंट देखा। उनका जो बयान है जो जो वर्तमान में जो चुनौतियां है जो युवाओं से जुड़ी हुई है उसको लेकर उनका काफी कंटेंट हमने उसको वेरीिफाइड किया। हमने जाना एक तेजतर्रार नेता के रूप में डिंपल सिंदल का चेहरा सामने आता है। अभी कल ही उनका एक जो वीडियो है वो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। हजारों लाखों लोगों ने उसको देखा है। जिसमें नीट से नीट से जुड़े मुद्दे पर वो काफ़ी एक आक्रमक मोड़ में मोदी सरकार पर अटैक करती हुई नजर आ रही है। और साफ-साफ ये आरोप लगा रही है कि जो नीट से जुड़ा हुआ जो घोटाला जो करप्शन जो सामने आया है जिसमें करीब 22 लाख छात्रों के साथ मोदी सरकार और खासकर मोदी सरकार के जो एजुकेशन मिनिस्टर है धर्मेंद्र प्रधान उस पर सीधा आरोप डिंपल सिंदल ने जला है कि जो धर्मेंद्र प्रधान है नरेंद्र मोदी सरकार है जो पूरा सिस्टम है ये युवाओं के खिलाफ है।
ऐसे कई वीडियो हैं जो सोशल मीडिया पर जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रखे हैं डिंपल सिंदल के। यही कारण है कि आज हम आपका नाम उनका नाम आपके सामने रख रहे हैं कि उनका भी ये दावा है कि वो टक्कर में बनी हुई है। हमने उनके दावे के अनुरूप जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, सिरोही के कुछ ख़ास युवाओं से जब बात करी, सच्चाई का पता लगाने की कोशिश करी हमारी टीम ने तो कहीं हद तक उनके दावे में एक वजन भी नजर आ निकल के आया कि वाकई में जो डिंपल सिंधल है वो जो प्रदेश अध्यक्ष की दौर में कहीं ना कहीं वह बनी हुई हैं। हालांकि वो अकेली प्रत्याशी नहीं है। प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष की दौल में जयपुर से अनिल चोपला का नाम भी बराबर टक्कर में बना हुआ है। जी हां, अनिल चोपड़ा बराबर टक्कर में बने हुए हैं। वहीं अभिषेक चौधरी को तय मानकर चला जा रहा है कि अभिषेक चौधरी की दावेदारी सबसे आगे है। लेकिन ऐसा कहीं भी नहीं है। हम अपनी तरफ से ये दावा नहीं कर सकते कि अभिषेक चौधरी प्रदेश अध्यक्ष यूथ कांग्रेस के बनने वाले हैं। क्योंकि डिंबल सिंदल की भी संभावना है। अनिल चोपला की भी संभावना है। वहीं पूजा भार्गव जो जयपुर की हवा में विधानसभा क्षेत्र से आती हैं और जयपुर की काफी तेजतर्रार युवा नेताओं में इनको समान किया जाता है। इन्होंने भी नीट के मुद्दे पर जब अपनी ओपिनियन हमें दी तो इन्होंने साफ कहा कि जो नीट का जो मुद्दा है जैसे लगता है कि मोदी सरकार ने युवाओं के सपने की हत्या कर दी है। काफी कड़े अंदाज में पूजा भार्गव ने मोदी सरकार की नीट के मुद्दे पर आलोचना की है। वहीं दिव्यानी कटारा है जो वो भी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में है। लेकिन जो खास नाम जो चर्चा में बने हुए हैं उनमें डिंपल सिंदल, अनिल चोपड़ा, अभिषेक चौधरी, पूजा भार्गव राजकुमार का नाम भी इसमें शामिल है। राजकुमार पर भी इस प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में बने हुए हैं। हमारी खास टीम ने इन सभी इनमें से कुछ खास जो प्रदेश अध्यक्ष के दावेदार हैं उनसे बात की। पूजा भार्गव से बात की। पूजा भार्गव ने कहा कि वह निश्चित है अपनी जीत को लेकर। वहीं डिंबल सिंदल का तो काफ़ी मजबूती से यह दावा है कि वह यह चुनाव जीतने जा रही हैं। हालांकि यह अभी भविष्य के घर में है। फैसला वोटिंग होने के बाद ही होगा। एक सबसे बड़ी जो एक निराली बात इस यूथ कांग्रेस के चुनाव में जो देखने को मिल रही है वो ये है कि कि पार्टी ने एक नया एक प्रारूप इस चुनाव के लिए रखा है कि जो ज़्यादा से ज्यादा सदस्यता युवाओं की जो ज्यादा से ज्यादा युवाओं को यूथ कांग्रेस जॉइन कराएंगे वो प्रदेश अध्यक्ष के दावेदारों में प्रमुख हो सकते हैं। प्रदेश अध्यक्ष की दावेदारी उनकी मजबूत मानी जा सकती है। सदस्यता अभियान के अभियान को चुनाव का एक मेन एक एक प्रारूप माना गया है। एक प्रक्रिया मानी गई है। सभी प्रत्याशियों ने जो प्रदेश अध्यक्ष की दौर है जी जान लगा दिया है दिन रात एक करके सभी प्रत्याशी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि खुद को नंबर वन साबित करने के लिए खुद को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए। हालांकि काफी कड़ा संघर्ष देखने को मिल रहा है। हमने जयपुर के कुछ युवाओं से इन सभी का नाम रखकर जयपुर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर हमने युवाओं भरतपुर के युवाओं के सामने जब हमने पांच प्रत्याशियों का नाम रखा तो सब बटा हुआ है। युवा युवाओं का जो जो सोच है वो बटी हुई है। लेकिन जो सिरोही है, उदयपुर है या सिरोही के आस-पास के जो जो पश्चिम राजस्थान के इलाके हैं, वहां के काफ़ी हद तक युवा डिंपल सिंधल को पसंद करते हैं। उनके बोलने के अंदाज़ को पसंद करते हैं। तो, उनकी दावेदारी को भी नज़र अंदाज नहीं किया जा सकता। लेकिन ये जो चुनाव है ये कहीं ना कहीं एक नया नई लकीर राजस्थान यूथ कांग्रेस के लिए खींचने जा रहा है। क्योंकि जो जो प्रक्रिया जो चुनी है कांग्रेस पार्टी ने कि प्रदेश अध्यक्ष उसी को चुना जाएगा। जो ज्यादा से ज्यादा जॉइनिंग यूथ कांग्रेस में युवाओं की कराएगा। सबसे बड़ी एक खास बात और देखने को मिल रही है। कुछ जो धना जो उम्मीदवार हैं वो बेहिसाब पैसा खर्च कर रहे हैं। पार्टी की लकीर से बाहर जाके लगभग कई उम्मीदवारों का जो खर्चा है वो लाखों करोड़ों तक पहुंच सकता है। जी हां, लाखों करोड़ों तक वो खर्चा पहुंच सकता है। अपने आप को रुतबेदार दिखाने के लिए, भारीभरकम भीड़ वाला दिखाने के लिए, कारों की लंबी रेस दिखाने के लिए, जब उनके जो जो उनका हुजूम जब चलता है तो काफी बड़ी गाड़ियों के साथ काफी रेले के साथ जब वो चलते हैं अपनी पूरी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं। और यह जैसे भारत की राजनीति में एक चलन भी बन चुका है कि जब कोई भी नेता युवा हो या कोई दुधारा में चलने वाला नेता हो वो जब अपनी जो शक्ति प्रदर्शन करता है तो भारी भीड़ और गालियों काला इसका एक एग्जांपल बन के रह गया है। उससे ये साबित किया जाता है कि आप कितनी दमदार पोजीशन में है। आप फाइनेंसियली कितना पैसा खर्च कर रहे हैं अपने चुनाव पर। लेकिन ये अलग बात है कि ज्यादा पैसा खर्च करना जीत का पैमाना नहीं माना जा सकता। लेकिन ये इस बार का जो राजस्थान यूथ कांग्रेस का जो चुनाव है ये बेहद चैलेंजिंग हो चला है और देखते हैं आने वाले कल में कमान किसको मिलती है लेकिन जो जो यूथ कांग्रेस की जो महिला उम्मीदवार हैं जैसे कि डिंपल सिंदल पूजा भार्गव दिव्यानी कटारा और भी महिला उम्मीदवार हैं इस बार कड़ी टक्कर दे रही हैं। थैंक यू वेरी मच।