Thursday, February 19
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VISHNU AGARWAL EDITOR DAILY INDIATIMES

सीएम भजनलाल शर्मा ने अपराधियों और नशे के सौदागरों के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी कर ली है। गृह विभाग की बैठक में उन्होंने दो टूक कहा कि प्रदेश में गैंगस्टर्स का अंत सुनिश्चित हो। अब हर 10 दिन में कार्रवाई की समीक्षा होगी और लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।

जयपुर: राजस्थान में अपराधियों और नशे के सौदागरों की अब खैर नहीं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने के लिए अब तक का सबसे घातक ‘एक्शन प्लान’ तैयार कर लिया है। मंगलवार रात मुख्यमंत्री निवास पर गृह विभाग के आला अधिकारियों के साथ हुई मैराथन बैठक में सीएम ने साफ कर दिया कि राजस्थान में अब कानून का राज नहीं, बल्कि अपराधियों में ‘कानून का खौफ’ दिखेगा।

10 दिन का अल्टीमेटम: लापरवाही पड़ी भारी

मुख्यमंत्री ने इस बार केवल निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि अधिकारियों की जवाबदेही भी तय कर दी है। सीएम ने प्रत्येक 10 दिन में कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने दो टूक कहा, ‘जमीन पर परिणाम दिखना चाहिए।’ यदि किसी इलाके में अपराध बढ़ा या नशे के खिलाफ ढिलाई बरती गई, तो संबंधित पुलिस अधिकारी पर गाज गिरना तय है।

नशे की ‘सप्लाई चेन’ पर प्रहार

नशामुक्त राजस्थान’ के संकल्प के साथ सीएम ने सीमावर्ती जिलों- अनूपगढ़, बाड़मेर और श्रीगंगानगर में विशेष चौकसी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस, ड्रग्स कंट्रोलर और स्वास्थ्य विभाग को त्रिशक्ति की तरह मिलकर तस्करी के हर रूट को ध्वस्त करने को कहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि नशा ही अपराध की असली जड़ है, जिसे जड़ से मिटाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, सजा तक पीछा

पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा को निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि हार्डकोर अपराधियों को पकड़ना ही काफी नहीं है, बल्कि कोर्ट में ऐसी प्रभावी पैरवी की जाए कि उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले। साथ ही, स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को इस दलदल से बचाने का मास्टरप्लान भी तैयार किया गया है।

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