
VISHNU AGARWAL EDITOR DAILY INDIATIMES
NEET-2025 Controversy: क्या नीट परीक्षा अब एक ‘पारिवारिक बिजनेस’ बन चुकी थी? नीट पेपर लीक मामले में राजस्थान में सीबीआई जांच और मीडिया रिपोर्टों ने चौंकाने वाला सस्पेंस खोल दिया है। पिछले साल नीट-2025 में 25 लाख रुपये का पेपर खरीदकर कोचिंग के टेस्ट में फिसड्डी रहने वाले 5 भाई-बहन रातों-रात सरकारी कॉलेजों में पहुंच गए।
जयपुर: क्या देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को कुछ रसूखदारों ने महज एक मुनाफे वाला ‘पारिवारिक बिजनेस’ समझ लिया था? मीडिया हवालों से सामने आई एक चौंकाने वाली पड़ताल इसी खौफनाक सच्चाई की ओर इशारा कर रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की तफ्तीश में इस बात का खुलासा हुआ है कि जयपुर के जमवारामगढ़ के एक ही परिवार ने लगातार दूसरे साल पेपर लीक गिरोह से सीधा सौदा किया
पिछले साल नीट-2025 में भी हुआ सौदा?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्य आरोपी विकास बिंवाल ने न सिर्फ इस साल बल्कि पिछले साल यानी नीट-2025 में भी 25 लाख रुपये में पेपर खरीदा था। इस एक लीक पेपर को रटकर विकास और उसके 4 भाई-बहन परीक्षा में सेलेक्ट होकर अलग-अलग सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पहुंच गए। इस बार भी छठा भाई डॉक्टर बनने की दहलीज पर था, लेकिन ऐन वक्त पर पाप का घड़ा फूट गया।
25 लाख में तय हुआ ‘पारिवारिक पैकेज
मीडिया सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, विकास और इस पूरे रैकेट के मुख्य सूत्रधार यश ने सीकर में एक साथ नीट की कोचिंग ली थी। इसी दौरान दोनों में गहरी दोस्ती हो गई। नीट-2025 की परीक्षा से करीब एक महीने पहले यश ने विकास को परीक्षा से पहले पर्चा दिलाने का ऑफर दिया। विकास ने जब यह बात अपने पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश बिंवाल को बताई, तो पूरे कुनबे को ‘डॉक्टर’ बनाने के लिए वे तुरंत तैयार हो गए।
पांचों भाई-बहनों का शानदार रैंक
यह सौदा 25 लाख रुपये में तय हुआ। परीक्षा से तीन दिन पहले यश ने विकास को पेपर थमा दिया, जिसे विकास ने अपनी सगी बहन प्रगति और चचेरी बहनों- गुंजन, सानिया और पलक के साथ मिलकर अच्छी तरह घोट लिया। नतीजा यह रहा कि 14 मई 2025 को जब रिजल्ट आया, तो पांचों भाई-बहनों का शानदार रैंक के साथ देश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला हो गया।
टेस्ट में फिसड्डी, नीट में टॉपर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन भाई-बहनों का पुराना शैक्षणिक रिकॉर्ड और कोचिंग के स्कोरकार्ड इस ‘बिजनेस’ की गवाही खुद दे रहे हैं। एक छात्र के 12वीं में महज 55% नंबर आए थे और नीट-2024 में भी उसके बस 270 नंबर थे। लेकिन 2025 में पेपर मिलते ही सरकारी कॉलेज मिल गया। इसी तरह एक छात्रा के नीट-2024 में 332 नंबर थे। लेकिन 25 लाख के पेपर की बदौलत नीट-2025 में सीधे 99.08 परसेंटाइल ले लाई और सरकारी कॉलेज में दाखिला ले लिया। ऐसी ही कहानी दो बहनों की भी है। कोचिंग के टेस्ट में सालभर में औसतन 320 नंबर ही थे। लेकिन मुख्य परीक्षा में 92 और 94 परसेंटाइल स्कोर के साथ सीधे सरकारी सीट हथिया ली।
इस बार ग्रेस मार्क्स से पास होने वाले छठे भाई की थी बारी!
इस गिरोह का दुस्साहस देखिए कि नीट-2025 में मिली ‘बंपर कामयाबी’ के बाद इस साल नीट-2026 के लिए उन्होंने चौथे भाई ऋषि बिंवाल को डॉक्टर बनाने का सौदा उसी गिरोह से फिर कर लिया। ऋषि 10वीं में 45% और 12वीं में ग्रेस मार्क्स के साथ जैसे-तैसे 50% नंबर लाकर पास हुआ था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अगर इस बार यह घोटाला उजागर नहीं होता, तो ग्रेस मार्क्स से पास होने वाला यह छात्र भी आज देश की किसी बड़ी मेडिकल सीट पर बैठकर डॉक्टर बन रहा होता
7 दिन की रिमांड पर आरोपी, छत के रास्ते दाखिल हुई CBI
इस महाघोटाले पर कड़ा एक्शन लेते हुए दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने आरोपी शुभम खैरनार, पराग यादव, मांगीलाल, विकास और दिनेश को 7 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। इस बीच, जब सीबीआई की टीम जमवारामगढ़ में दिनेश बिंवाल के घर पहुंची, तो परिजनों ने दरवाजे बंद कर लिए। इसके बाद जांच टीम पड़ोस की छत के रास्ते घर में दाखिल हुई। सीबीआई ने आरोपियों के फार्म हाउस पर खड़ी दो लग्जरी गाड़ियों के लॉक तुड़वाकर जांच की, जहां से संदिग्ध दस्तावेज, पासबुक और एटीएम बरामद हुए हैं।