Thursday, February 19
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VISHNU AGARWAL JOURNALIST DAILY INDIATIMES DIGITAL JOURNALISM PLATFORM/DAILY JAIPUR TIMES NEWS NETWORK

केंद्र सरकार ने किरायेदारी को सरल बनाने के लिए नए नकेंद्र सरकार ने किरायेदारी को सरल बनाने के लिए नए नियम 2025 लागू (New rent agreement rules) किए हैं। मकान मालिक और किरायेदार को 60 दिन में रेंट एग्रीमेंट रजिस्टर करना होगा। मकान मालिक बिना सूचना के कमरे में नहीं जा सकता। किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी है और क्या-क्या नए नियम आए हैं जानते हैं।

New rent agreement rules: केंद्र सरकार ने भारत में घरों को किराए पर लेना आसान और ज्यादा व्यवस्थित बनाने के लिए नए रेंट नियम 2025 लागू किए हैं। इन नियमों के तहत, मकान मालिकों और किरायेदारों, दोनों को 60 दिनों के भीतर अपना रेंट एग्रीमेंट ऑनलाइन रजिस्टर कराना होगा।नियम सिक्योरिटीडिपोजिट की लिमिट भी तय करते हैं, किराया कैसे और कब बढ़ाया जा सकता है, विवादों के समाधान के लिए समय-सीमा तय करते हैं और बेदखली, मरम्मत, निरीक्षण और किरायेदार सुरक्षा से जुड़े अधिकारों की स्पष्ट जानकारी देते हैं।

बड़े सवाल जो सरकारी Rental कानून पर खड़े होते हैं

  1. किराएदार को मकान मालिक अपना गुलाम मानते हैं
  2. किराएदार अपने किराये के हिस्से में पूजा पाठ नहीं कर सकता
  3. किराएदार नवरात्रा में विधि से दुर्गा पूजा नहीं कर सकता
  4. किराएदार बोलकर हनुमान जी चालीसा नहीं कर सकता
  5. किराएदार दीपावली पर दिए नहीं जला सकता
  6. किराएदार घर के बाहर गाय को रोटी नहीं दे सकता
  7. किराएदार कोई भी धार्मिक या सामाजिक उत्सव नहीं कर सकता
  8. मकान मालिक कभी भी ताकत के बल पर किराएदार के हिस्से में आ सकता है, गुंडागर्दी कर सकता है
  9. मकान मालिक कभी भी बिजली पाणि बंद कर सकता है
  10. मकान मालिक कभी भी किराया थोड़ा भी देर होने पर किराएदार को bedakhal कर सकता है
  11. मकान मालिक अपनी ताकत से किराएदार की पत्नी और बच्चों को भयभीत कर सकता है
  12. सिर्फ 20 25 या 30000 का किराया देर होने पर मकान मालिक किराएदार के सामान को या किसी भी साधन पर कब्जा कर सकता है
  13. मकान मालिक पुलिस और गुंडों के बूते किराएदार की हत्या भी कर सकता है

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब सभी रेंट एग्रीमेंट पर डिजिटलस्टाम्प लगाना होगा और हस्ताक्षर के 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन रजिस्टर कराना होगा। पहले, कई राज्य बिना रजिस्ट्रेशन के हस्तलिखित अनुबंधों या फिजिकलस्टाम्प पेपर एग्रीमेंट को स्वीकार करते थे।इस नए नियम का उद्देश्य किराये की प्रक्रिया को आधिकारिक बनाना और धोखाधड़ी या अवैध बेदखली को रोकना है। अगर एग्रीमेंट रजिस्टर नहीं है, तो राज्य के आधार पर 5,000 रुपये से शुरू होने वाला जुर्माना लगाया जा सकता है।

2. दो महीने से ज्यादा का किराया नहीं ले पाएगा मकान मालिक

आवासीय मकानों के लिए, मकान मालिक दो महीने से ज्यादा का किराया जमा राशि के रूप में नहीं ले सकते। व्यावसायिक जगहों के लिए यह सीमा छह महीने है। यह नियम ज़्यादा जमा राशि के बोझ को कम करने के लिए है, खासकर बड़े शहरों में जहाँ किरायेदारअक्सर भारी अग्रिम भुगतान से जूझते हैं।

. 12 महीने बाद ही बढ़ाया जा सकेगा किराया

किराया केवल 12 महीने बाद ही बढ़ाया जा सकता है और मकान मालिक को बढ़ोतरी से कम से कम 90 दिन पहले लिखित सूचना देनी होगी। यह नियम अचानक या अनुचित किराए में वृद्धि को रोकता है और किरायेदारों को योजना बनाने या ज़रूरत पड़ने पर आपत्ति दर्ज कराने का समय देता है।

कुछ गड़बड़ होने पर मकान मालिक को 30 दिनों में मरम्मत करवानी होगी   यदि जरूरी मरम्मत की आवश्यकता है और मकान मालिक सूचित किए जाने के 30 दिनों के भीतर इसे ठीक नहीं करता है, तो किरायेदार इसकी मरम्मत करवा सकता है और खर्च का प्रमाण उपलब्ध कराए जाने पर किराए से इसकी लागत घटा सकता है

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