इंटरव्यू में महिला कहती है कि एपस्टीन उसे या तो न्यूयॉर्क या फिर न्यू जर्सी लेकर गया था, जहां पर उसने ट्रंप से उसकी मुलाकात करवाई। ट्रंप उस पर ओरल सेक्स करने को मजबूर कर रहे थे, तब उसने ट्रंप के प्राइवेट पार्ट पर काट लिया था।

RUVIYA SHEKH/INTERNATIONAL JOURNALIST/DAILY INDIATIMES DIGITAL JOURNALISM PLATFORM

अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन मामले से जुड़े दस्तावेजों का एक नया सेट जारी किया है, जिसमें एक महिला ने आरोप लगाया है कि जब वह 13-15 वर्ष की थी तब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उसका यौन उत्पीड़न किया गया था।
US Justice Department Epstein Files: अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन से जुड़ी कुछ अतिरिक्त एफबीआई फाइलें जारी की हैं, जिनमें डोनाल्ड ट्रंप पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। यह खुलासा गुरुवार को हुआ, जिससे राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है
महिला ने ट्रंप पर लगाए गंभीर आरोप
दस्तावेज 2019 में एक महिला से एफबीआई द्वारा की गई कई पूछताछों के सारांश हैं। महिला, जो उस समय 13 से 15 साल की किशोरी थी, ने दावा किया कि एपस्टीन ने उसे ट्रंप से न्यूयॉर्क या न्यू जर्सी में मिलवाया था। उसके अनुसार, ट्रंप ने उसे अप्राकृतिक यौन संबंध के लिए मजबूर करने की कोशिश की। महिला ने यह भी कहा कि उसे धमकी भरे फोन आए, जिसमें चुप रहने की चेतावनी दी गई, और वह मानती है कि ये एपस्टीन से जुड़े थे
न्याय विभाग ने सावर्जनिक किए दस्तावेज
ये फाइलें पहले सार्वजनिक नहीं की गई थीं क्योंकि उन्हें गलती से डुप्लिकेट (दोहराव वाली) मार्क किया गया था। न्याय विभाग ने स्पष्ट किया कि ये दस्तावेज एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत जारी किए गए लाखों पेजों का हिस्सा हैं, लेकिन ये पहले छूट गए थे। विभाग ने कहा कि कुछ दावे असत्य और सनसनीखेज हैं, खासकर ट्रंप के खिलाफ, और ये 2020 चुनाव से पहले एफबीआई को भेजे गए थे
ट्रंप ने आरोपों से किया इनकार
ट्रंप ने इन आरोपों से इनकार किया है और व्हाइट हाउस ने इन्हें बेबुनियाद और बिना सबूत के बताया है। डेमोक्रेट्स ने ट्रंप प्रशासन पर एपस्टीन फाइलों को संभालने में कवर-अप का आरोप लगाया है। हाउस कमिटी ने अटॉर्नी जनरल पर सब्पोना जारी करने का फैसला किया है।
जानें न्याय विभाग ने क्या कहा
एपस्टीन, एक दोषी सेक्स ट्रैफिकर, 2019 में जेल में आत्महत्या कर चुके हैं। उनके मामले में कई हाई-प्रोफाइल नाम सामने आए हैं, लेकिन ट्रंप पर ये नए आरोप पुराने दावों को फिर से जीवित कर रहे हैं। न्याय विभाग ने जोर दिया कि इनमें शामिल होने का मतलब दोष साबित नहीं होता, और कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

VIDEO: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को दी लास्ट वार्निंग, बोले- हथियार डाल दो वरना मौत पक्की
Donald J.Trump Last Warning: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रंप ने कहा, “मैं एक बार फिर रिवोल्यूशनरी गार्ड, ईरानी मिलिट्री और पुलिस से अपील करता हूं कि वे हथियार डाल दें और पूरी इम्युनिटी पाएं या पक्की मौत का सामना करें।

Trump Last Message to Iranian Military:
मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (Donald J. Trump) ने ईरान (Iran) को अब तक की सबसे सख्त चेतावनी देते हुए साफ कह दिया है कि अगर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड, सेना और पुलिस ने हथियार नहीं डाले, तो उनके लिए मौत तय है। ट्रंप के इस अल्टीमेटम ने एक बार फिर आग में घी डालने का काम किया है।
प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रंप ने कहा, “पिछले 36 घंटों से, यूनाइटेड स्टेट्स और उसके पार्टनर्स ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया है… हमने ईरान में सैकड़ों टारगेट पर निशाना साधा है, जिसमें रिवोल्यूशनरी गार्ड की फैसिलिटी और ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। अभी-अभी, यह अनाउंस किया गया कि हमने नौ जहाज़ों और उनकी नेवल बिल्डिंग को तबाह कर दिया है… ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला खामेनेई, मर चुके हैं… कल रात, पूरे ईरान में, जब उनकी मौत का अनाउंसमेंट हुआ तो ईरानी लोगों की आवाज़ें सड़कों पर खुशी और जश्न मनाते हुए सुनी जा सकती थीं। पूरी मिलिट्री कमांड भी चली गई है, और उनमें से कई अपनी जान बचाने के लिए सरेंडर करना चाहते हैं… इस समय कॉम्बैट ऑपरेशन पूरी ताकत से जारी हैं, और वे तब तक जारी रहेंगे जब तक हमारे सभी मकसद पूरे नहीं हो जाते… अमेरिका अब फिर से दुनिया का सबसे अमीर, सबसे ताकतवर देश है, अब तक… लंबी दूरी की मिसाइलों और न्यूक्लियर हथियारों से लैस ईरानी शासन हर अमेरिकी के लिए एक बड़ा खतरा होगा। हम ऐसे देश को, जो टेररिस्ट सेनाएं खड़ी करता है, ऐसे हथियार रखने की इजाजत नहीं दे सकते, जिससे वे दुनिया से अपनी बुरी मर्ज़ी से पैसे ऐंठ सकें। हम ऐसा नहीं होने देंगे।” हमारे साथ ऐसा नहीं हो रहा है, और हम इसे दूसरों के साथ भी नहीं होने
ट्रंप: ईरान दुनिया में आतंक के नंबर एक देश स्पॉन्सर हैं
उन्होंने आगे कहा- “ये एक्शन सही हैं, और ये जरूरी हैं ताकि अमेरिकियों को कभी भी न्यूक्लियर हथियारों और ढेर सारी धमकियों से लैस रेडिकल, खून के प्यासे आतंकवादी शासन का सामना न करना पड़े। लगभग 50 सालों से, ये बुरे कट्टरपंथी ‘अमेरिका की मौत’ या ‘इज़राइल की मौत’ या दोनों के नारे लगाते हुए यूनाइटेड स्टेट्स पर हमला कर रहे हैं। वे दुनिया में आतंक के नंबर एक देश स्पॉन्सर हैं… ये बर्दाश्त न होने वाली धमकियां अब और नहीं चलेंगी। मैं एक बार फिर रिवोल्यूशनरी गार्ड, ईरानी मिलिट्री और पुलिस से अपील करता हूं कि वे हथियार डाल दें और पूरी इम्युनिटी पाएं या पक्की मौत का सामना करें… मैं उन सभी ईरानी देशभक्तों से अपील करता हूं जो आजादी चाहते हैं कि वे इस पल का फायदा उठाएं, बहादुर बनें, हिम्मत दिखाएं, हीरो बनें, और अपना देश वापस लें। अमेरिका आपके साथ है। मैंने आपसे एक वादा किया था, और मैंने वह वादा पूरा किया…

ईरान पर हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दिया बयान, जानें क्या कहा
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ ओवल ऑफिस में बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगा था कि ईरान पहले हमला करेगा और वह ऐसा नहीं होने देना चाहते थे।
Donald Trump statement on Iran attack: अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में हालात बहुत खराब हो गए हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया है। उन्होंने इस बात से इनकार किया है कि इजराइल ने अमेरिका को ईरान पर हमला करने के लिए मजबूर किया था।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान से अलग है। इससे पहले विदेश मंत्री रुबियो ने कहा था कि अमेरिका ने तब कार्रवाई की जब उसे पता चला कि इजरायल हमला करने वाला है। ट्रंप ने कहा कि ईरान पहले हमला कर सकता था, इसलिए यह कदम उठाया गया।
बता दें कि अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई
ट्रंप ने क्या कहा?
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ ओवल ऑफिस में बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगा था कि ईरान पहले हमला करेगा और वह ऐसा नहीं होने देना चाहते थे। ट्रंप ने आगे कहा कि अगर कुछ हुआ है तो शायद उन्होंने ही इजरायल को हमला करने के लिए कहा होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार अमेरिका और इजराइल के हमले में ईरान की सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और रडार सिस्टम लगभग खत्म हो चुके
लोगों को वापस लाने के लिए किया इंतजाम
एतिहाद रेल ने सऊदी अरब में सीमेंट जुटाने के लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए खास इंतज़ाम किया। कंपनी ने बताया कि देश की इमरजेंसी तैयारियों के तहत उसने अबू धाबी इमरजेंसी, क्राइसिस एंड डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया। इस अभियान के तहत तीन विशेष यात्री ट्रेनें चलाई गईं, जो अल धाफरा क्षेत्र के घुवेइफत स्टेशन से अबू धाबी शहर के अल फाया स्टेशन तक गईं। इन इलाकों के रास्ते सऊदी अरब से लोगों को जुटा वापस लाया गया।