Rajasthan News: बीजेपी की वर्कशॉप में पूर्व CM वसुंधरा राजे ने कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर नाराजगी जताई. उन्होंने अफसरों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि कार्यकर्ता की आवाज की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं है.
VISHNU AGARWAL EDITOR DAILY INDIATIMES/DAILY JAIPUR TIMES

बीजेपी की एक अहम वर्कशॉप में पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे का दर्द खुलकर सामने आया. मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी कार्यकर्ता की एक घंटी में अफसर का फोन नहीं उठता और उसका काम नहीं होता, तो अफसरों को भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए. उनका कहना था कि कार्यकर्ता पार्टी का एंबेसेडर है और उसके साइन से काम होना चाहिए.
वसुंधरा राजे ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि हमारे कार्यकर्ता की आवाज प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की आवाज है. कार्यकर्ता की उपेक्षा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने दो टूक कहा कि भाजपा बिना कार्यकर्ता के प्राणविहीन है, इसलिए बूथ अध्यक्ष से लेकर मंडल और जिलाध्यक्ष तक सभी पार्टी के एंबेसेडर हैं और उन्हें मजबूत करना ही होगा.

शेर के जरिए जताई संवेदना
अपने संबोधन में वसुंधरा राजे ने कार्यकर्ताओं के लिए एक शेर भी पढ़ा, जिसने माहौल को भावुक कर दिया, “किसी रोते हुए चेहरे से आंसू पूछ तो सही, किसी बेसहारा की लाठी बन तो सही. कहीं मत कर तलाश, इसी जमीं पर है ईश्वर, किसी के जख्म पर मरहम लगा तो सही.”
विपक्ष को मिला मुद्दा
वसुंधरा राजे के बयान पर विपक्ष ने भी तुरंत हमला बोल दिया. विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मौजूदा सरकार में आम जनता ही नहीं, बीजेपी के कार्यकर्ताओं की भी सुनवाई नहीं हो पा रही है. उनके मुताबिक मामला इतना गंभीर है कि खुद बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष को मंच से यह बात कहनी पड़ी.


