Thursday, February 19
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BBHARATPUR NEWS/ अरमान सिंह/DAILY JAIPUR TIMES NEWS NETWORK

Bharatpur Accident: भरतपुर जिले में गुरुवार रात भीषण सड़क हादसा हो गया। शादी समारोह से लौटे चाचा-भतीजे की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बावजूद घंटों की देरी से एंबुलेंस पहुंची।

भरतपुर। शादियों के सीजन में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के बीच गुरुवार रात एक दर्दनाक घटना घटी जब बाइक सवार चाचा-भतीजे को तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी। यह हादसा केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान के सामने हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद दोनों जैसे ही सड़क पर गिरे, इनके ऊपर से कई वाहन गुजर गए।हादसे के बाद आगरा-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक एकतरफा हो गया और लंबा जाम लग गया। करीब एक घंटे की देरी से एंबुलेंस पहुंची, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते एंबुलेंस पहुंचती तो एक की जान बच सकती थी, क्योंकि उसकी सांसें कुछ देर तक चल रही थीं

शादी समारोह से लौटे थे चाचा-भतीजा

जानकारी के अनुसार रूप किशोर पुत्र दौलीराम और दीपक उर्फ छोटू पुत्र ओमप्रकाश, दोनों गांवड़ी, थाना चिकसाना के निवासी थे। वे किसी शादी समारोह से घर लौट रहे थे। केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान के सामने कट से मुड़ते समय वे किसी तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गए, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

150 मीटर की दूरी से 30 मिनट बाद पहुंची पुलिस

इतना भयानक था कि दोनों का क्षत-विक्षत शव सड़क पर काफी देर तक पड़ा रहा। हादसे की सूचना मिलने के बाद भी पुलिस करीब 30 मिनट बाद पहुंची, जबकि घटनास्थल से 150 मीटर की दूरी पर सारस पुलिस चौकी है, जहां 24 घंटे पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव सड़क किनारे किए और बाद में रास्ते से गुजर रही एंबुलेंस को रोककर शवों को आरबीएम अस्पताल पहुंचाया गया।

भरतपुर शहर के मथुरा गेट थाना क्षेत्र की पुष्प वाटिका कॉलोनी में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में रिसाव के बाद ब्लास्ट हो गया।

भरतपुर। शहर के मथुरा गेट थाना क्षेत्र की पुष्प वाटिका कॉलोनी में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में रिसाव के बाद ब्लास्ट हो गया। इससे मकान के खिड़की-दरवाजे टूट गए और मकान में दरारें आ गईं। हादसे में एक बच्चे सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक परिवार के तीन सदस्य और एक पड़ोसी शामिल हैं। सभी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।मथुरा गेट थाना प्रभारी देरावर सिंह भाटी ने बताया कि पुष्प वाटिका कॉलोनी में जीतेंद्र सरकारी शिक्षक है और धौलपुर निवासी हैं। वह किराये पर परिवार के साथ रहता है। वह सुबह साढ़े सात बजे गैस चूल्हे पर खाना बना रहे थे, तभी अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई और जोरदार धमाका हुआ।धमाका इतना तेज था कि खिड़की, कांच और दरवाजे टूट गए। हादसे में जीतेंद्र, उसकी पत्नी आरती और बच्चा हर्ष के साथ पड़ोसन गुड्डी देवी भी झुलस गई। सभी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां सभी का उपचार चल रहा है। पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जानकारी के मुताबिक उन्होंने दो-तीन दिन पहले ही ही गैस सिलेंडर का कनेक्शन लिया था।

Rajasthan : भरतपुर के महाराज सूरजमल बृज विश्वविद्यालय में घोटालों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। 9 बड़े घोटाले सामने आ चुके हैं, लेकिन कार्रवाई का पन्ना अब तक खाली है।

Rajasthan : भरतपुर के महाराज सूरजमल बृज विश्वविद्यालय में घोटालों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। 9 बड़े घोटाले सामने आ चुके हैं, लेकिन कार्रवाई का पन्ना अब तक खाली है। निलंबन और एफआइआर के आदेश कागजों में कैद हैं। एक आरोपी कार्यालय कक्ष पर ताला लगाकर गायब है और सिस्टम जिम्मेदारी से मुंह मोड़े बैठा है। ऐसे में दो लाख से अधिक विद्यार्थियों का भविष्य सवालों के घेरे में है।भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पूर्व कुलपति रमेश चंद्र के बर्खास्त होने के बाद माना जा रहा था कि विश्वविद्यालय की कार्यशैली पटरी पर आएगी, लेकिन हालात चिंताजनक बने हुए हैं। करीब 15 दिन पहले राजभवन (लोकभवन) की ओर से उप कुलसचिव डॉ. अरुण कुमार पाण्डेय, सहायक कुलसचिव प्रशांत कुमार और परीक्षा नियंत्रक फरवट सिंह को निलंबित करने, एफआइआर दर्ज कराने और वित्तीय वसूली के आदेश जारी किए। इस आदेश की पालना नहीं की गई।विश्वविद्यालय की बिगड़ी व्यवस्था को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने चार कर्मचारियों को प्रतिनियु€क्ति पर भेजा, लेकिन यह भी मजाक बन गया। एक कर्मचारी ने ज्वॉइन तक नहीं किया और एक ज्वॉइन करते ही छुट्टी चले गए।

रिपोर्ट का इंतजार

गत 21 नवंबर को हुई बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में पूरे मामले की जांच के लिए विधायक बहादुर सिंह कोली की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की गई। कमेटी को विश्वविद्यालय में हुए सभी वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं की तथ्यात्मक और विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर बोर्ड के सामने पेश करनी है।

चैंबर का ताला नहीं खोल रहा आरोपी

भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे सहायक कुलसचिव प्रशांत कुमार ने अपने चैंबर का ताला तक नहीं खोला है। दफ्तर में फाइलें अटकी हैं, इस संबंध में कुलसचिव सी.एस जोरवाल का कहना है कि अगर प्रतिनियु€क्ति वाले कर्मचारी बैठना चाहेंगे तो सहायक कुलसचिव का चैंबर खुलवा देंगे।बृज विश्वविद्यालय के अधीन भरतपुर और धौलपुर जिलों के 183 कॉलेज आते हैं, जिनमें लगभग दो लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। वर्तमान समय परीक्षाओं, मूल्यांकन और प्रवेश से जुड़ी गतिविधियों का सबसे महत्वपूर्ण समय है। लेकिन विश्वविद्यालय के चैंबर बंद होने, अधिकारियों के अनुपस्थित रहने से कामकाज नहीं हो रहा है।

भ्रष्टाचार के मामले

1- विश्वविद्यालय से 25 लाख रुपए नकदी गायब कर दी गई। इस प्रकरण में भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

2- चार वॉच टॉवर लगाने का काम 2.5 लाख में होना था, लेकिन भुगतान 9.5 लाख किया गया।

3- 9 करोड़ रुपए का फर्नीचर घोटाला : महंगे पर्दे, कुर्सियां, डाइनिंग टेबल जैसा सामान क्रय किया गया। करोड़ों रुपए के फर्नीचर का न तो रिकॉर्ड है, न ही सामग्री दिखाई देती है।

4- 12 करोड़ की केमिस्ट्री लैब घोटाला : जो सामान बताया गया था, वह दिखाई ही नहीं दिया। घटिया स्तर की €वालिटी का सामान खरीदा गया।

5- 11.5 करोड़ की पुस्तक खरीद अनियमितता : ऐसी किताबें खरीदी गईं, जिनका छात्रों से कोई लेना-देना नहीं था।

6- उत्तर पुस्तिका घोटाला : 1.5 करोड़, घटिया €वालिटी की कॉपियों पर बड़ी रकम का भुगतान।

7- संविदा भर्ती घोटाला : 14 शिक्षकों को योग्यता के विपरीत नियुक्ति दी गई। नियमों को ताक में रखकर 65 वर्ष से अधिक आयु के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दोबारा नौकरी दी गई।8- पीएचडी प्रवेश घोटाला : 50 से अधिक छात्रों को बिना गाइड उपलŽब्ध कराए प्रवेश दे दिया गया। फीस भी ली गई, पर कोर्स पूरा नहीं हो पाया।

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