

EXCLUSIVE INTERVIEW WITH ASTROLOGIST DR. SEEMA GADEKAR/VISHNU AGARWAL EDITOR DAILY INDIATIMES/DAILY JAIPUR TIMES NEWS NETWORK

EXCLUSIVE INTERVIEW WITH ASTROLOGIST DR. SEEMA GADEKAR(STAR OF LAL KITAB):2026 में भारत बनेगा बड़ी ताकत–PM मोदी की सफलता जारी रहेगी, लाल किताब कर्म प्रधान और चमत्कारिक, BEST HEALTH के लिए LIFESTYLE में सकरात्मक परिवर्तन जरूरी, ज्योतिष हमेशा मार्गदर्शन करता है..
DAILY INDIATIMES DIGITAL JOURNALISM PLATFORM के सम्पादक VISHNU AGARWAL को दिए एक खास इंटरव्यू में पुणे की जानी मानी ASTROLOGER और लाल किताब SPECIALIST DR. SEEMA GADEKAR ने ज्योतिष के गंभीर सवालों के सटीक और सकारात्मक जवाब दिए
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद जी सावंत द्वारा ” STAR OF LAL KITAB ” के लिए सम्मानित DR. SEEMA GADEKAR ने कहा कि लाल किताब कर्म प्रधान ज्योतिष है और लाल किताब के उपाय चमत्कारिक होते हैं, Dr. Seema ने कहा कि लाल किताब ज्योतिष के द्वारा जीवन की बड़ी PROBLEMS का समाधान किया जा सकता है
DR. SEEMA GADEKAR ने चंद्र शनि दोष हो या हेल्थ से जुड़े सवाल हो सभी के विस्तार पूर्वक MIRACLE REMEDIES के साथ जवाब दिए..

होली का त्यौहार बहुत बड़ा आध्यात्मिक बेस है इस त्यौहार के लिए और बहुत जगह पर मतलब भारत में सब जगह पर होली मनाई जाती है। तो अभी 2 मार्च 2026 को होली दहन होगा और 3 मार्च को धुलेंडी होगी। तो पहले जिन जो दहन का दिन है एक तो यह जो सीजन होता है यह मच्छर बहुत पैदा हो जाते हैं इसमें। तो होली का दहन करते हैं तो वह बैक्टीरियाज, वायरस, मच्छर जो भी है यह सारी नेगेटिविटी धो जाती है। यह तो पहली बात है। दूसरा है कि होली में प्रोस्पेरिटी से भी ज्यादा जो नजर लगना, जो नेगेटिविटी है, जो बीमारियां है, जो संकट है उसको उसमें दहन करना और हो जाते हैं। हम लोग पहले से ही देखा है उसके लिए उपाय ऐसा है कि जो आटा होता है उसकी वह छोटी-छोटी प्रतिमा बनाके आपकी जो प्रॉब्लम है उसकी आदमी जैसी वो एक उसको हेड बनाते हैं हाथ बनाते हैं पांव बनाते हैं।

ऐसी प्रतिमाएं बना के मतलब एक प्रतिमा यह मेरी बीमारी है। यह मेरे पैसे के प्रॉब्लम है। यह मेरे रिलेशनशिप इश्यूज है। ऐसे करते-करते एक एक प्रतिमा हम दहन करें तो वो प्रॉब्लम्स खत्म होती हुई दिखाई देती है। दूसरी बात है कि होली में हम बतासे डालते हैं वो मंगल की चीज है। तो पुलिस रिलेटेड कोई इश्यूज है पीछे पड़े हैं तो उससे हमें मुक्ति मिल जाती है। तीसरी बात है कि होली में हम फूल डालते हैं। एरंड या ऊस जो शुगरकेन है वह प्रोस्पेरिटी की चीजें हैं कि वह हम अर्पण करते हैं होली को कि हमें प्रोस्पेरिटी मिले। ये सब उपायों से हम होली से फायदा ले सकते हैं। दूसरा एक सबसे महत्वपूर्ण जो उपाय होलिका है कि जो बाकी दिन नहीं किया जा सकता वो है कि जो राख होती है होली की उसका तिलक अगर आप लगाएं तो अगर कुछ प्रेत बाधाएं हैं आपको नजर लगी है कुछ बड़ी बीमारी है उससे आप छुटकारा पा सकते हो वो राख आप साल भर अपने साथ रखो और उसका तिलक लगाते जाओ आप देखिए बहुत फायदा होता है उसमें कॉइंस डाले जाते हैं जबलिका दहन होती है तो उसमें हम कॉइन डालते हैं तो उसमें कॉपर कॉइन डालिए और वह जो जला हुआ कॉइन है अपने साथ रखिए वह बहुत प्रोस्पेरिटी ले आता है पर उसके साथसाथ हमें काम भी करना पड़ता है मैम अगला धूप बजावे बरसावे छोरी ब्रजधा राधा जी की राजधानी राजधानी
अभी थोड़ा सा मैं 2025 के बारे में बोलूंगी। वह था मंगल का साल। तो लोगों को बहुत अपने यहां पर बहुत क्रेज है नाइन नंबर का। तो मैं पहले से ही बता रही थी 2025 साल आने से पहले कि यह तो बहुत स्ट्रगल देगा। नौ नंबर जो है वह रिलेशनशिप स्ट्रगल है। हेल्थ का स्ट्रगल देते हैं। अच्छा स्पाउस इन लोगों को नहीं मिलता। यह लोगों को पैसा कमाने के लिए बहुत कष्ट रहता है। तो यह सब हमने देखा। बहुत जगह पे वो आग लगी। एलए में पूरा जल गया वो हॉलीवुड। ऐसी बहुत सारी घटना प्लेन क्रैशेस हुई। तो यह जो था तो वो थोड़ा ऑब्वियस था एक्सपेक्टेड भी था। पर अभी यह जो साल आया है 2026 का जिसका मूलांक है एक और यह सूर्य का साल है। सूर्य ग्रह के रंग है गेरुआ जिसे बोलते हैं हम या केसरिया रंग है। तो पूरा भारत यह केसरी झंडे के नीचे एक साथ चलेगा। अभी जो रूलिंग पार्टी है उसे सपोर्ट करेंगे लोग। उनके सीट्स और भी बढ़ेंगे और भी स्ट्रेंथनिंग होगा। दूसरी बात है कि सोने चांदी के रेट आप देखोगे कि जून के बाद स्टेबल हो जाएंगे। तो जिससे भी इन्वेस्टमेंट करना है सोने में तो वो जून महीने के बाद करें या स्टॉक मार्केट में करनी है कोई इन्वेस्टमेंट तो जून महीने के बाद करें। क्रिप्टो करेंसी गिर जाएगी। क्रिप्टो से दूर रहिए। अह और बात है कि रूलिंग पार्टी के लिए अच्छा होगा। अच्छे लीडर्स आएंगे सामने। उनकी बात माननी भी चाहिए ताकि देश प्रगति पथ पर जाने वाला है हमारा इस साल में और थोड़ी बहुत संभावना है कि कुछ प्लेन क्रशेस हो या आग लगे वगैरह पर पिछले साल जितना कुछ नहीं रहे



